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शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 वापस लिया जाय: चेत नरायन सिंह

-मुख्यमंत्री को सम्बोधित 6 सूत्रीय ज्ञापन संयुक्त शिक्षा निदेशक को सौंपा
बस्ती। सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ बस्ती मण्डल के पदाधिकारियों ने संयुक्त शिक्षा निदेशक के कार्यालय पर उपस्थित होकर सांकेतिक धरना दिया, और मुख्यमंत्री को सम्बोधित 6 सूत्रीय ज्ञापन संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी को  प्रेषित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मण्डलीय अध्यक्ष राम पूजन सिंह व संचालन मण्डलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने किया। ज्ञापन देने के दौरान मौजूद पूर्व एमएलसी व प्रदेश अध्यक्ष चेत नरायन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षक हितों की उपेक्षा कर रही है। हमारे पास संघर्ष के अलावा अन्य कोई विकल्प नही है। शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 शिक्षक हितों को प्रभावित करेगी, इसे तत्काल वापस लिया जाय।
                उन्होंने कहा कि नयी पेंशन योजना के अभिदाता अंश, नियोक्ता अंश एवं तदसम्बंधी ब्याज का अद्यतन भुगतान सुनिश्चित किया जाय तथा केन्द्रीय अतिरिक्त 4 प्रतिशत अनुदान को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति प्रदेश के शिक्षकों/कर्मचारियों को भी आयकर सीमा से मुक्त रखा जाय। सरकार से 9 मार्च 2019 को हुई वार्ता के सहमति बिन्दुओं से मुकर रही है। तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण प्रकरण में राजनीति कर रही है। वार्ता में कहा गया था कि अद्यतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विनयमित करने पर विचार किया जायेगा, कोई भी तदर्थ शिक्षक सड़क पर नही जायेगा।
          उन्होंने कहा कि मान्यता की धारा 7 (4) में संशोधित करते हुए इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सेवा शर्त निर्धारित करते हुये 15 हजार रुपये प्रतिमाह आरटीजीएस प्रणाली से भुगतान करने को कहा था, लेकिन अब वादे से मुकर रही है। शिक्षको/कर्मचारियों को चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने में भी आनाकानी कर रही है। लम्बित अवशेषों का शीघ्रता से जांच कराकर उनका भुगतान तीन माह में निश्चित किया जायेगा।मूल्यांकन की सभी स्तर की परिश्रमिक दरों में वृद्वि करके सीबीएसई बोर्ड के समतुल्य किया जाय।
            उन्होंने कहा कि स्थानान्तरण की आनलाइन प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन करते हुये स्थानान्तरण प्रक्रिया प्रारम्भ किया जाय।आमेलित विषय विशेषज्ञों के कार्यावधि के अवशेषों का भुगतान करते हुये उनकी पूर्व मे की गयी सेवा का लाभ प्रदान किया जाय। विनियमित होने वाले शिक्षकों को वेतन भुगतान अवधि की सेवा को भी अर्हकारी सेवा मानते हुये सेवानिवृत्तिक लाभ दिये जाय।
       इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष  मॉर्कण्डेय सिंह, नरेंद्र सिंह, राम पूजन सिंह, अजय प्रताप सिंह, संजय द्विवेदी, अरूण कुमार मिश्रा, मोहिबुल्लाह खान, अब्दुल वाहिद, जय चंद यादव, अभय शंकर शुक्ला, गिरिजानन्द यादव, गुलाब चन्द मौर्या, हरिकेश बहादुर यादव, अशोक मिश्रा, श्याम करन भारती, महेश राम,फागु लाल गुप्ता, आफताब आलम, जय प्रकाश मिश्रा, जितेंद कुमार , राजेश चौधरी, अजित पाल, राजधारी पाल, सहित अन्य मौजूद रहे।

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