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हरी खाद के लिए अधिक से अधिक ढैचा की बुआई कर आगामी फसलों के लिए भूमि को स्वस्थ्य बनाये किसान

 

बस्ती।  जिलाधिकारी श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने किसानों से अपील किया है कि वे हरी खाद के लिए अधिक से अधिक ढैचा की बुआई करे तथा आगामी फसलों के लिए भूमि को स्वस्थ्य बनाये। उन्होने बताया कि अबतक 440 कुन्तल ढैंचा बीज प्राप्त हो गया है। किसान बीज गोदाम से सम्पूर्ण धनराशि जमा करके बीज प्राप्त कर लें। अनुदान की धनराशि उनके बैंक खाते में डीवीटी के माध्यम से भेजी जायेंगी।
उन्होने बताया कि गेहॅू के कटाई के पश्चात् धान के रोपाई के पूर्व खेत प्रायः खाली रहते है। ऐसी दशा में खेत की नमी को बरकरार रखते हुए  कृषक अपने खेत में हरी खाद हेतु ढैचा फसल की बुआई करे तथा 45 दिन के पश्चात् इसे मिट्टी में पलटकर धान की रोपाई करें। इससें जहाॅ एक ओर मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्र में वृद्धि होगी, वही दूसरी ओर तमाम आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता भी होगी, जिससे मिट्टी की दशा में सुधार होगा एवं आगामी धान की उत्पादकता में भी अच्छी वृद्धि होगी।
उन्होने बताया कि जनपद के सभी विकास खण्डों के राजकीय बीज भण्डारों पर ढैंचा की उपलब्धता करा दी गयी है। ढैचा बीज रू0 5500 प्रतिकुन्तल की दर से एक कृषक को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए उपलब्ध हो सकेंगा। उन्होने कहा कि विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विकास खण्ड गौर, परसरामपुर, हर्रैया, विक्रमजोत, दुबौलिया, कप्तानगंज, बस्ती सदर, बनकटी, साॅउघाट, सल्टौआ गोपालपुर एवं रामनगर में धान के कलस्टर प्रदर्शन कृषि विभाग द्वारा आयोजित किए जायेंगे। इन प्रदर्शनों के अन्तर्गत धान की बुआई/रोपाई के पूर्व खेत में हरी खाद के प्रयोग की भी कार्य योजना बनायी गयी है।
उन्होने बताया कि 100 हेक्टेयर के कलस्टर में यह प्रदर्शन आयोजित किया जायेंगा तथा प्रदर्शन क्षेत्र के कृषको को 90 प्रतिशत अनुदान पर ढैचा बीज दिया जायेंगा। जिसका उपयोग कर कृषक अपनी भूमि की दशा को सुधारते हुए धान की अच्छी उत्पादकता प्राप्त कर सकते है।

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