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कोरोना काल में मानव के लिए वरदान बनी 21वीं सदी की चिकित्सा पद्धति एक्यूप्रेशर

बस्ती। एक्यूप्रेशर  21वीं की सदी चिकित्सा पद्धति इस कोरोना काल में मानव के लिए वरदान साबित होगा। एक्यूप्रेशर एक ऐसी अद्भुत विधा है जो प्राकृतिक होने के साथ ही संपूर्ण भी है यह जानकारी विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह एवं प्रदेश अध्यक्षा प्रो डॉ अर्चना दुबे दी और कहा कि संपूर्ण इसलिए क्योंकि इसका उपयोग स्वास्थ्य की रक्षा के साथ ही विकार ग्रस्त होने पर भी किया जाता हैl हम प्रायः चिकित्सा के लिए किसी चिकित्सा पद्धति में तब जाते हैं जब हमारा शरीर रोग ग्रस्त होता है और जैसे ही हम ठीक हो जाते हैं चिकित्सा को बंद कर देते हैं लेकिन एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसका उपयोग शरीर के रोग ग्रस्त होने पर तो किया ही जाता है साथ ही साथ हमारा स्वास्थ्य ठीक रहे, इसके लिए भी किया जाता हैl इसका उदाहरण कोरोना के रोगियों में हमने देखा और पाया की जिनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से कोरोना के संक्रमण का खतरा था, उन्हें एक्यूप्रेशर पॉइंट द्वारा इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाकर कोरोना से बचने का उपाय बताया गया l ऐसे 10 लोगों में से जिन 6 लोगों ने एक्यूप्रेशर बिंदु अपनाएं, उन्हें कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ और जिन चार लोगों ने इसे नहीं माना वह कोरोना ग्रस्त हो गए तो इससे यह बात सिद्ध होती है कि यह रोग के प्रकट होने से पहले भी किया जा सकता है इसके अलावा जिन्हें कोरोना का संक्रमण हुआ उन्हें भी जब एक्यूप्रेशर द्वारा उपचार दिया गया तो वह भी ऐसे रोगियों की तुलना में, जिन्होंने एक्यूप्रेशर का उपचार नहीं लिया था, वह जल्दी स्वस्थ हुए और उन्हें इसके साइड इफेक्ट नहीं आए बल्कि जिन्होंने यह उपचार नहीं लिया था, उनमें काफी ज्यादा कमजोरी एवं अन्य तकलीफ के साथ उनके दोबारा संक्रमित होने के भी खतरा आशंका बनी रही l इसके अलावा उनमे कुछ रोगी ऐसे रहे जिनका ऑक्सीजन स्तर अचानक से कम होता था, ऐसे में भी एक्यूप्रेशर के बिंदुओं के माध्यम से ऑक्सीजन स्तर में आशातीत सफलता मिली और 12 घंटे के भीतर व्यक्ति का ऑक्सीजन मास्क हटा दिया जाता था; इन उदाहरणों से हम देख सकते हैं कि यह विद्या पूरी तरीके से वैज्ञानिक होने के साथ ही साथ सरल, सुलभ, निरापद एवं प्रभावशाली ऐसी संपूर्ण पद्धति है जिसे हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि यह हॉलिस्टिक है l अतः आप इसे निसंकोच किसी भी बीमारी के लिए प्रयोग कर सकते हैंl

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