Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
94.6 प्रतिशत अंक अर्जित पर ऐश्वर्या माथुर ने बढाया जनपद का मान शिक्षकों ने खण्ड शिक्षा अधिकारी इन्द्रजीत को दिया भावभीनी विदाई हस्तशिल्प विकास योजना की दिया जानकारी, हस्तशिल्पियों से बनाया संवाद सपा की बैठक में बूथ स्तर पर मजबूती का निर्णय कांग्रेस ने मनाया दलित सम्मान दिवस, निकाली पद यात्रा लगाया कोविड का टीका,गांव-गांव पहुंची टीम इंडियन पब्लिक स्कूल के सभी छात्र उत्तीर्ण, 33 प्रतिशत बच्चों को मिला 90 प्रतिशत अंक जिले में 2582 दिव्यांगों को वितरण किया जायेगा उपकरण 5 अगस्त को जिले के समस्त कोटे की दुकानों पर होगा अन्न महोत्सव का आयोजन लीजेंड दादा साहेब फालके अवार्ड से सम्मानित की गई मशहूर हस्तियां

हथेली को सेनेटाइज कर करें पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग-श्वेता पांडेय

होम आइसोलेशन में नियमित तौर पर ऑक्सीमीटर से जांच करें ऑक्सीजन का स्तर

बाजार से जांच-परख कर ही खरीदें पल्स ऑक्सीमीटर

कबीर बस्ती ब्यूरो,गोरखपुर। पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग हमेशा हथेली और उंगली को ठीक तरीके से सेनेटाइज करने के बाद ही करना चाहिए । होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड मरीजों की नियमित तौर पर पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन के स्तर की जांच करते रहें । यह भी ध्यान रखें कि बाजार से जो पल्स ऑक्सीमीटर खरीद रहे हैं, उसकी जांच अवश्य कर लें । यह कहना है खोराबार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सूचना अधिकारी श्वेता पांडेय का । श्वेता ने पल्स ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करने के तौर-तरीके के बारे में एक वीडियो संदेश भी बनाया है । यह वीडियो संदेश उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं को प्रेषित किया है ।
लगभग दो मिनट के वीडिया संदेश में श्वेता पांडेय ने बताया है कि हाथों को सेनेटाइज करने के बाद अंगूठे की बगल वाली उंगली को पल्स ऑक्सीमीटर में लगाना है । उंगली में लगाने के बाद हाथ ढीला छोड़ दें। उंगली लगाने के बाद पल्स ऑक्सीमीटर का बटन हल्के से दबा देते हैं । इसके बाद लगभग 30 सेकण्ड तक रिडिंग स्थिर होने तक इंतजार करना है । स्क्रिन के ऊपर के हिस्से में एसपीओटू जबकि नीचे के हिस्से में  पीआरबीपीएम लिख कर आता है । एसपीओटू ऑक्सीजन का स्तर जबकि पीआरबीपीएम दिल की धड़कनों की दर बताता है । अगर ऑक्सीजन स्तर 95 तक है तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर यह 94 से 92 के बीच आता है तो इसका मतलब है कि ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ व्यवस्था सोच लेनी है । ऐसी अवस्था में पेट के बल लेटने की तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए । ऐसे मरीज को आगे चल कर ऑक्सीजन की जरूरत भी पड़ सकती है ।
श्वेता ने बताया है कि अगर ऑक्सीजन का स्तर 92 से नीचे जा रहा है तो मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ सकती है । उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की है कि 92 से नीचे के ऑक्सीजन स्तर वाले लोगों को चिन्हित कर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें और मरीज को समय से अस्पताल की सुविधा दिलवाएं ।
ऐसे करें पल्स ऑक्सीमीटर की जांच
बाजार से जब भी पल्स ऑक्सीमीटर खरीदें तो स्वस्थ व्यक्ति पर उसकी जांच कर लें । अगर स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर 95 से ऊपर दिखा रहा है तो इसका मतलब है कि ऑक्सीमीटर सही है । लेकिन अगर स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर भी 90 तक और कभी-कभी 60 दिखाने लगे तो ऑक्सीमीटर में तकनीकी दिक्कत है । सही रिडिंग न देने वाला ऑक्सीमीटर तनाव बढ़ा सकता है, इसलिए बाजार से खरीददारी में विशेष सतर्कता रखें ।
ऐसे बढ़ाएं ऑक्सीजन स्तर
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि किसी कोरोना पाजिटिव को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो एवं ऑक्सीजन लेवल 94 से घट गया हो तो ऐसे लोगों को पेट के बल सोने की सलाह दी गयी है । इसके लिए सबसे पहले वह पेट के बल  लेटें,  एक तकिया अपने गर्दन के नीचे रखें,  एक या दो तकिया छाती के नीचे रख लें एवं दो तकिया पैर के टखने के नीचे रखें ।  इस तरह से 30 मिनट से दो घंटे तक सो सकते हैं।
पेट के बल लेटें तो रहे ध्यान
• खाने के एक घन्टे तक पेट के बल सोने से परहेज करें
• पेट के बल जितना देर आसानी से सो सकतें हैं, उतना ही सोने का प्रयास करें
• तकिए को इस तरह रखें जिससे सोने में आसानी हो
ऐसे में पेट के बल न लेटें
• गर्भावस्था के दौरान
• वेनस थ्रोम्बोसिस( नसों में खून के बहाव को लेकर कोई समस्या)
• गंभीर हृदय रोग में
• स्पाइन, फीमर एवं पेल्विक फ्रैक्चर की स्थिति में

Leave A Reply

Your email address will not be published.