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जिला अस्पताल के 160 बेड पर सीधे पहुंचेगी ऑक्सीजन

 

– लगाया गया 960 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला जेनेरेटर प्लांट

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती। जिला अस्पताल के लगभग 160 बेड पर अब सीधे पाइप लाइन के जरिए मरीज को ऑक्सीजन जल्द मिलना शुरू हो जाएगी। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए अस्पताल में 960 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता वाला प्लांट लगाया गया है। बेड तक पाइप लाइन दौड़ाने का कार्य पहले ही किया जा चुका है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (एसआईसी) डॉ. आलोक वर्मा का कहना है कि सभी तैयारियां पूरी हैं।
जल्द ही प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके बाद अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं रहेगी। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट पीएम केयर फंड से लगाया गया है। प्लांट लगाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने डीआरडीओ को सौंपी है। प्लांट के लिए फाउंडेशन व शेड आदि बनाने का कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने वाली एजेंसी एनएचएआई ने किया है। शेड व फाउंडेशन बनाने के बाद उसमें प्लांट की मशीने लगाई जा चुकी हैं।
कोविड काल के दौरान सबसे पहले मरीज को जिला अस्पताल लाया जा रहा था। वहां पर प्राथमिक उपचार के साथ ही उसकी कोविड की जांच की जा रही थी। पॉजिटिव पाए जाने पर उसे मेडिकल कॉलेज बस्ती की चिकित्सका इकाई ओपेक अस्पताल कैली में बने कोविड अस्पताल में रेफर कर दिया जा रहा था। चिकित्सकों की माने तो उस दौरान जो भी मरीज आ रहे थे, उनमें से अधिकांश को सांस फूलने की समस्या था।
उनका ऑक्सीजन लेवल तेजी से कम हो रहा था, और उन्हें तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी। उस समय इमरजेंसी में बेड खाली न होने व ऑक्सीजन की कमी के कारण काफी मरीजों को बचाया नहीं जा सका। अब जबकि अस्पताल में खुद अपना ऑक्सीजन प्लांट लग जाएगा तो इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में बेड व इलाज की अन्य सुविधाएं पर्याप्त हैं, ऐसे में ऑक्सीजन की समस्या हल हो जाने के बाद कोविड की तीसरी लहर का सामना आसानी से किया जा सकेगा।

इंस्टॉलेशन का काम शुरू

जिला अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट के इंस्टॉलेशन का काम मंगलवार से शुरू हो गया। प्लॉट को लगाने का ठेका लेने वाली लखनऊ की फर्म सिंडिकेट इंडस्ट्रियल सर्विसेज की टीम ने प्लॉट पर काम शुरू कर दिया था। कंपनी के सर्विस मैनेजर आशीष ने बताया कि तीन दिन के अंदर प्लॉट से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो सकता है। प्लॉट में कनेक्शन देने के साथ ही अस्पताल की पाइप लाइन से जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्लॉट टाटा कंपनी का बना है तथा उनकी फर्म को लगाने का जिम्मा दिया गया है।

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