Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
सिद्वार्थनगर पहुंची राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल, कार द्वारा बौद्ध तीर्थ लुम्बिनी के लिए प्रस्था... मनरेगा से स्वीकृत 24 में से मात्र 08 कार्य पूर्ण होने पर जिलाधिकारी ने व्यक्त किया असंतोष बैठक मे लिया गया मशरूम तथा काला नमक की खेती को बढावा देने का लिए निर्णय टेढे-मेढे पैर वाले बच्चो के उपचार के लिए की जायेंगी परिवारों की काउंसलिंग 40 दिव्यांगजनो को मिला ट्राईसाइकिल मार्ग दुर्धटना मे घायल हे0कां0 गोविन्द कुमार की मौत, पार्थिव शरीर को एसपी ने दी सलामी कांग्रेस जिला कार्यकारिणी का विस्तार, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष घोषित अधिवक्ता दिवस के रूप में प्रथम राष्ट्रपति डा.राजेन्द्र प्रसाद को जयन्ती पर किया नमन् जयन्ती पर याद किये गये प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद फोकस्ड सैम्पलिंग के जरिए माप रहे कोरोना का प्रभाव

पुण्यतिथि पर याद किये गये जन कवि बालसोम गौतम

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

‘ ये शाम और ये फूलों का मुरझाना देख उदासी क्यों, जब तय है होगी सुबह, खिलेंगे फूल हजारों नये-नये’ जैसी रचनाओं से समाज को संदेश देने वाले जन कवि बाल सोम गौतम को उनकी पांचवी पुण्य तिथि पर याद किया गया। बालसोम गौतम स्मृति संस्थान की ओर से शनिवार को प्रेस क्लब के सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में  कवि, शायरों ने बालसोम गौतम के साहित्यिक योगदान पर विमर्श किया।
मुख्य अतिथि आयुष चिकित्साधिकारी एवं साहित्यकार डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि बालसोम गौतम का रचना संसार विविधता लिये हुये हैं। वे अपने समय के सशक्त हस्ताक्षर थे, उनकी कवितायेें हमें संकट में साहस देती है। अध्यक्षता करते हुये कमलापति पाण्डेय ने कहा कि बाल सोम गौतम को याद करना इतिहास के कई बिन्दुओं को  खंगालने जैसा है। वे स्वयं में अप्रतिम कवि थे। संचालन करते हुये वरिष्ठ कवि डा. रामकृष्ण लाल जगमग ने बालसोम गौतम से जुड़े अनेक प्रसंगोें, अनुभवों को साझा किया। उनकी कविता ‘ जो भी हो पर सत्य कहूंगा, झरना जैसा सदा बहूंगा, इन्ही किताबों के बल पर मैं, मरने पर भी अमर रहूंगा’ को श्रोताओं ने सराहा।
कविसम्मेलन, मुशायरे में पं. चन्द्रबली मिश्र, विनोद उपाध्याय, सत्येन्द्रनाथ मतवाला, राममणि शुक्ल, सागर गोरखपुरी, रहमान अली रहमान, अफजल हुसेन अफजल आदि की रचनायें सराही गई। बाल सोम गौतम के अधिवक्ता पुत्र सिद्धार्थ गौतम ने अपने पिता की रचनाओं को सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में शान्तनु सिंह, विभोर मिश्र, चन्द्र प्रकाश शर्मा, हनुमत प्रसाद शुक्ल, महेन्द्र उपाध्याय आदि शामिल रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.