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सीएमओ ने हरी झंडी दिखा कर सारथी वाहन को किया रवाना, जिले के सभी ब्लॉक में चार दिन सारथी वाहन से होगा प्रचार प्रसार

पुरुष नसबंदी पखवाडे के तहत शासन के दिशा-निर्देश पर पहल
कबीर बस्ती न्यूज:

गोरखपुर: जिले में 21 नवम्बर से चार दिसम्बर तक मनाये जा रहे पुरुष नसबंदी पखवाडे को मजबूती प्रदान करने के लिए सारथी वाहन चलाया जाएगा । यह वाहन पुरुष नसबंदी का संदेश देगा । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने अपने कार्यालय से दो सारथी वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया जो शहरी क्षेत्र में पुरुष नसबंदी के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। जिले के सभी ब्लॉक में चार दिन सारथी वाहन से प्रचार किया जाएगा। यह पहल शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की गयी है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसीएच डॉ नंद कुमार ने बताया कि जिस क्षेत्र में सारथी वाहन जाएगा वहां पर माइक्रोप्लान के अनुसार आशा कार्यकर्ता सार्वजनिक जगह पर इसके जरिये संदेश दिलवाएंगी। वाहन के जरिये संदेश दिया जा रहा है कि परिवार नियोजन में पुरुष की भागीदारी होनी चाहिए। पुरुष नसबंदी सरल, सुरक्षित और आसान है । इससे पुरुष के शरीर या कार्यक्षमता पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है । पखवाड़े के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) से जुड़े जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ, जबकि शहरी क्षेत्र में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई) इंडिया के प्रतिनिधि सहयोग करेंगे ।

डॉ नंद कुमार ने बताया कि पुरुष नसबंदी पखवाडे के दौरान अभी मोबिलाइजेशन का चरण चल रहा है। लोगों को प्रेरित करने के बाद चयनित पुरुषों को उनकी सहमति से नसबंदी की सुविधा दिलवाई जाएगी । पुरुष नसबंदी की सेवा लेने वाले लाभार्थी को खाते में 3000 रुपये देने का भी प्रावधान है। प्रेरक को भी 300 रुपये दिये जाते हैं। नसबंदी महज चंद मिनट में होती है और ढेर सारे लाभार्थी नसबंदी के बाद खुद घर जाते है। थोड़े समय बाद वह कार्य भी करना शुरू कर देते हैं । अप्रैल 2022 से अक्टूबर माह तक 16 पुरुष नसबंदी हुई है। पखवाडे में इस स्थिति में सुधार किया जाएगा।

इस अवसर पर परिवार नियोजन कार्यक्रम के मंडलीय कंसल्टेंट अवनीश चंद्र, जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ, वरिष्ठ कार्यालय सहायक नवीन गुप्ता, एआरओ एसएन शुक्ला, स्वास्थ्यकर्मी आदिल प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

पुरुष नसबंदी की पात्रता
नोडल अधिकारी ने बताया कि शादी शुदा वह पुरुष जिनकी उम्र 60 वर्ष से कम है और कम से कम एक बच्चा है जिसकी उम्र एक वर्ष से अधिक है, नसबंदी करवा सकते हैं। पुरुष नसबंदी कभी भी करवाई जा सकती है, बशर्ते पत्नी ने नसबंदी न करवाई हो। नसबंदी के बाद कम से कम तीन माह तक कंडोम का प्रयोग करना चाहिए और उसके बाद वीर्य की जांच करानी चाहिए । जांच में शुक्राणु न पाए जाने की दशा में ही नसबंदी सफल मानी जाती है। अगर यौन संक्रमण है तो ठीक होने के बाद चिकित्सक की सलाह पर ही नसबंदी करवानी है।