हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे
डायलसिस मरीजों और उनके परिजनों का उत्पीडन करने का यूनिट कर्मियों पर लग रहा है आरोप
टेक्नीशियन अवनीश मरीजों और परिजनो को देता है मां- बहन की गाली, जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी
डायलसिस यूनिट मे मरीज का बहता रहा खून, कर्मचारी देखते रहे तमाशा, बडी मुश्किल से बची मरीज की जान
प्रकरण अत्यन्त गंभीर, जांच कराकर होगी दोषियों पर कार्यवाही- डीएम
कबीर बस्ती न्यूज
बस्ती। जिले के अब मेडिकल कालेज से जाना जाने वाला कैली चिकित्सालय मे गत कई वर्षों से पीपीपी प्रोजेक्ट के तहत संचालित हो रहे हीमोडायलसिस यूनिट डायलसिस मरीजों के जान का दुश्मन बन चुका है। यहां मरीजों और उनके परिजनों के साथ यूनिट के कुछ कर्मचारियों द्वारा जिस प्रकार से दुर्व्यहार एंव अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे मानवता और इंसानियत भी शर्मा जाए। लेकिन इस यूनिट के संचालन हेतु जिन जिममेदार चिकित्सक और यूनिट इंचार्ज को सुपरवीजन के लिए हेरिटेज कम्पनी द्वारा बैठाया गया है वे मरीजों के दुर्दशा और उनके अपमान पर तालियां पीटते दिखाई दे रहे हैं। यहां सफाई कर्मचारी से लेकर टेक्नीशियन अपने आपको गुण्डा साबित करने मे लगे हुए हैं। जिसके कारण आये दिन डायलसिस यूनिट का माहौल विवादित हो जाता है। इस मामले मे अवनीश नाम का टेक्नीश्यिन का कार्य व्यवहार मरीजों और परिजनों के प्रति निहायत ही निन्दनीय है। जब किसी मामले को लेकर यूनिट मे विवाद खडा हो है तो डाक्टर और यूनिट इंचार्ज मरीजों और परिजनों को दोषी ठहराने और मरीज के जान को क्षति पहुचाने की धमकी देने से बाज नही आते। उपरोक्त सम्पूर्ण प्रकरण मे जिम्मेदारों ने भी चुप्पी साघ रखी है। जिसका खामियाजा मरीजों और परिजनों को भुगतना पड रहा है। यह कहना गलत नही होगा कि हीमोडायलसिस यूनिट अब गुण्डों का प्रयोगशाला बन चुका है।
हलांकि हेरिटेज कम्पनी वाराणसी द्वारा सुपरवीजन हेतु डायलसिस यूनिट मे दो कैमरे भी लगाए गये हैं जिसका कोई मतलब नही है। यहां लगाये गये सीसी कैमरे केवल शोपीस बनकर रह गये हैं। यूनिट मे क्या हो रहा है किस मरीज के साथ क्या हो रहा है वहां आये दिन किस बात को लेकर विवाद होता है कम्पनी अन्जान बनी हुई है। यही कारण है कि इस डायलसिस यूनिट मे लगातार मरीजों की संख्या मे कमी आ रही है। इस यूनिट मे एक अवनीश नाम का टेक्नीशियन है जो मरीजों एवं उनके परिजनों को खलेआम अपने डाक्टर और यूनिट इंचार्ज के सामने ही मां और बहन को खंलेआम गाली देता है और डाक्टर और यूनिट इंचार्ज स्थिति पर नियंत्रण के बजाय इस मनबढ कर्मचारी अवनीश को ऐसे कृत्य करने के उकसाते नजर आते हैं।
बताते चलें कि परशुरामपुर थाना क्षेत्र के बेलसड के रहने वाले कपूर मिश्रा का डायलसिस तीन मार्च को दोपहर 12 बजे से था लेकिन यूनिट कर्मचारियों और इंचार्ज के मनमानी के चलते उन्हें डेढ घण्टे तक होल्ड कर दिया गया। नियम के विपरीत है। मरीज कपूर मिश्रा की पत्नी अर्चना यूनिट कर्मियों से अपने पति का डायलसिस लगाने का अनुरोध करती रही लेकिन संवेदनहीन कर्मी मरीज को एक बेड से दूसरे बेड पर नचाते रहे। फिर जाकर एक बजकर चालीस मिनट पर डायलसिस लगाया गया।
मरीज कपूर मिश्रा की पत्नी अर्चना मिश्रा ने यूनिट कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस को बताया कि बीते 20 फरवरी 2026 को उनके परिजन कपूर मिश्रा का डायलसिस कराने यहां लाये थे लेकिन यूनिट के कर्मचारियों के गंभीर लापरवाही के कारण मरीज का काफी खून बह गया जिससे मरीज के जान का खतरा उत्पन्न हो गया। बडी मुश्किल से मरीज की जान बचायी जा सकी। इस प्रकास की गंभीर घटनाएं हेरिटेज कम्पनी को कैमरे पर दिखाई नही देती। यहां कई घटनाओं को देखकर ऐसा लगता है कि हेरिटेज कम्पनी वाराणसी और उसके कर्मचारी मरीजों के जान का दुश्मन बन चुके हैं। हलांकि उपरोक्त सम्पूर्ण प्रकरण से जिलाधिकारी बस्ती कृत्तिका ज्योत्सना को दूरभाष पर अवगत करा दिया गया है। उन्होंने मामले के निष्पक्ष जांच और कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
