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ईमानदार एवं कर्मठ एसपी के साख पर बट्टा लगा रहे हैं शहर कोतवाल दिनेश चन्द्र चौधरी, आम जनता परेशान

– योगी सरकार के जीरो टेलरेंश नीति की ऐसी की तैसी करने मे लगे हुए हैं कोतवाल साहब

– बिना घूस लिए कोतवाली मे नही दर्ज होता है कोई मुकदमा

– घूस लेने के लिए बनाया जोरदार सिस्टम गनर धनन्ंजय को बना दिया घूस प्रभारी

– गंभीर रूप से घायल बच्चे की मां को साहब ने कोतवाली से भगाया

रिर्पोट- दिनेश मिश्र

कबीर बस्ती न्यूज

बस्ती। शहर कोतवाल दिनेश चन्द्र चौधरी के कारनामे निराले हैं। यह साहब बिना घूस के पीडित के मुकदमें भी दर्ज नही करते। इसके लिए चौधरी साहब ने एक सिस्टम बना रखा है जिसका सर्वे सर्वा साहब का गनर धनन्ंजय नामक सिपाही है। कोतवाली का यह भ्रष्ट सिस्टम जिले के ईमानदार पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन जी के साख को धूमिल करने मे कोई कसर नही छोड रहे हैं। जो पीडित घूस नही देगा उसका मुकदमा दर्ज नही होगा और उसे साहब बेज्जत भी करेंगे। इस प्रकार के मामले चौधरी साहब के आये दिन सुनने को मिल रहे हैं। चौधरी साहब के इन कारनामों की गूंज शायद पुलिस अधीक्षक के कान तक नही पहुंच पा रही है अन्यथा इनके कारगुजारियों का परिणाम इन्हें मिल चुका होता।
शहर कोतवाल दिनेश चन्द्र चौधरी किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति या वरिष्ठ पत्रकारों को भी अपमानित करने से बाज नही आते। इन साहब के विवादित कार्यशैली से उत्तर प्रदेश के मित्र पुलिस की छबि लगातार खराब हो रही है। आखिर भ्रष्ट और घूसखोर पुलिस अधिकारी पर कानून की नजर क्यों नही पहुंच पा रही है ?
बताते चलें कि काशीराम आवास की रहने वाली एक अत्यन्त गरीब महिला के पुत्र को 5 अक्टूबर की रात चार अज्ञात हमलावरों ने अपहरण कर कोतवाली क्षेत्र के मंगला महाकाली मन्दिर के पास मारकर फेंक दिया था। राहगीरों द्वारा घायल की पहचान सूरज के रूप मे हुई और उसके गंभीर रूप से घायल होने की सूचना राहगीरों उसके परिवार को दिया। सूचना पर पहुंवे परिजनों ने लडके को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया। जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने लखनउ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया था। दो महीने इलाज के बाद लडके का जान तो बच गया लेकिन उसे घटना के सिलसिले मे कुछ याद नही है। इस प्रकरण मे घायल की मां चिन्ता देवी ने एक माह पूर्व शहर कोतवाल दिनेश चन्द्र चौधरी को तहरीर दिया था। इस मामले की जांच दो जांबाज दरोगा कर चुके हैं और सम्भवतः आरोपियों से कृपा प्राप्त होने के उपरान्त इस गंभीर प्रकरण को रफा दफा कर दिया गया। इतना ही नही मामले की जांच कर रही एक महिला दरागा ने कहा कि कोतवाल साहब बिना घूस लिए मुकदमा दर्ज नही करते। यह उनका अपना इतिहास हैं। फिर मामले की पैरवी कर रहे एक वरिष्ठ पत्रकार के मोबाइल पर कोतवाल साहब के धनन्ंजय नामक गनर का फोन आया और कोतवाली मे मिलने के लिए बुलाया। जब पत्रकार कोतवाली पहुंचकर गनर से मिले तो वह पहचान गया कि यह पत्रकार हैं फिर उसने बात ही बदल दी। कोतवाली मे इस प्रकार से पीडितों को गुमराह और परेशान किया जाता है। कोतवाल चौधरी साहब अपने वर्दी की गर्मी अनेकों पत्रकार और प्रतिष्ठित लोगों को दिखा चुके हैं।
आज घायल लडके की मां चिन्ता देवी कोतवाल से मिलकर यह जानने गयी कि साहब मेरे प्रार्थना पत्र पर क्या कार्यवाही हुआ। इस पर कोतवाल चौधरी साहब भडक गये और महिला को बाहर फेंकने का फरमान जारी कर योगी सरकार के जीरो टेलरेंश नीति के गालों पर जोरदार तमाचा जड दिया। कोतवाल साहब की यह पहलवानी कोतवाली मे मौजूद कुछ आम जनता ने भी देखा और कोतवाल साहब के साहसिक कारनामें की मुक्तकंठ से सराहना किया। बहरहाल घायल बच्चे की पीडित मां पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की मांग की है। अब देखिए पीडित को न्याय मिल पाता है कि नही।