लखनऊ: यात्रियों के बेहतर सुविधा के लिए अप्रैल मे आ रही हैं 100 सीएनजी बसें

-कुल एक हजार बसें हैं आनी, 775 साधारण व 125 एसी बसें शामिल
-150 नई बसें अप्रैल माह के आखिर तक बनेंगी बेडे का बनेंगी हिस्सा

कबीर बस्ती न्यूज:

लखनऊ। सूब में नई सरकार का गठन होने के साथ ही अब यूपी रोडवेज से जुड़ी कई प्रमुख यात्री सुविधा योजनाएं एक बार फिर से ठंडे बस्ते से निकलकर आगे बढ़ने लगी हैं। जानकारी के तहत रोडवेज प्रबंधन की ओर से एक हजार नई बसों का आर्डर पहले ही दिया जा चुका है जोकि आगे तीन-चार माह के अंदर आ जायेंगी। इसमें भी 150 नई बसें अप्रैल महीने के आखिरी दिनों तक रोडवेज बेडे का हिस्सा बन सकती हैं। नवरात्रि पर्व और रमज़ान जैसे प्रमुख त्यौहारों पर परिवहन सुविधाओं को लेकर यूपी रोडवेज एमडी आरपी सिंह ने सोमवार को अहम जानकारी दी। प्रबंध निदेशक ने बताया कि आगामी दिनों में एक हजार नई बसें आनी हैं जिसमें 775 जनरल, 125 एसी बसें और 100 सीएनजी बसें शामिल हैं। वैसे मौजूदा समय में रोडवेज बेड़े में 9000 बसें निगम की और तकरीबन तीन हजार बसें अनुबंधित सेवा की हैं। ऐसे में जब इसमें एक हजार नई बसें जुडेगी तो परिवहन निगम का पूरा बसों का बेड़ा अकेले 10 हजार का हो जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि निश्चित तौर पर बसों की संख्या बढ़ने से सूबे में यात्री परिवहन सुविधायें का विस्तार क्षेत्र बढेÞगा। साथ ही ग्रामीण व दूरदराज के मुसाफिरों को रोडवेज बसों की सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

73 एआरएम की भर्ती जल्द, खत्म होगा अफसरों का टोटा-

बता दें कि अभी दो दिन पहले ही जब नवनियुक्त परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह बापू भवन में अपना कार्यभार संभाल रहे थे तो उसी दौरान साफ तौर पर कहा था कि ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन सेवाओं को और सुदृढ़ किया जायेगा। सभी वर्ग के यात्रियों को बेहतर रोडवेज सुविधा मिलेगी। लेकिन विभागीय मंत्री ने जब से उक्त बातें सार्वजनिक रूप से कही हैं, तब से रोडवेज मुख्यालय के निगम प्रबंधन के माथे पर शिकन आ गई है। दरअसल, आगामी दो-तीन माह के अंदर रोडवेज मुख्यालय पर तैनात जीएम स्तर के कई रोडवेज अफसर सेवानिवृत्त होने वाले हैं जबकि निगम में मुख्यालय से लेकर रीजन तक में पहले से ही अधिकारियों व कर्मियों का टोटा लम्बे समय से चल रहा है। ऐसे में अफसरों के अभाव में प्रदेश सरकार के मंशानुरूप और विभागीय मंत्री के कथनानुसार कैसे रोडवेज सुविधाओं को टैÑक पर लाते हुए इसे कैसे विस्तारित किया जाये, यही चिंता मुख्यालय प्रबंधन को खाये जा रही है। बताया गया कि एआरएम स्तर के 80 पद स्वीकृत हैं जिसमें से 73 की सीधी भर्ती के लिये शासन की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है। एमडी ने उम्मीद जतायी है कि जल्द ही जब 73 एआरएम की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाये तो आरएम स्तर के अफसरों को जीएम पद पर तैनात कर दिया जायेगा। आगे यह भी बताया कि अभी तक सरकार ने मृतक आश्रित के नौकरी दिये जाने पर रोक लगायी थी, मगर जल्द ही इस पर भी शासन की ओर से निर्णय लिया जा सकता है।
‘तीन से चार माह में 1000 नई बसें रोडवेज बेडे का हिस्सा बन जायेंगी, जिसमें 100 सीएनजी बसें भी शामिल हैं। 150 बसें अप्रैल माह में आ सकती हैं। यात्री सुविधाओं को बढ़ाने पर पूरा फोकस है। अफसरों की कमी भी जल्द ही दूर कर ली जायेगी।’
-: आरपी सिंह, एमडी यूपी रोडवेज

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