किसानों के नाम से दर्ज जमीन भी बेच देता था अंसल
लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पुलिस कमिश्नर से अंसल के खिलाफ लखनऊ में दर्ज मुकदमों का ब्योरा मांगा है। साथ ही आवंटियों से धोखाधड़ी समेत अन्य मामलों में दर्ज केस में दाखिल चार्जशीट की कॉपी भी मांगी है। ईडी ने यूपी रेरा और लखनऊ विकास प्राधिकरण से भी अंसल के प्रोजेक्ट से संबंधित डीपीआर और आवंटन भूखंडों से संबंधित पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।
अंसल एपीआई के खिलाफ लखनऊ के गोसाईगंज, पीजीआई, सुशांत गोल्फ सिटी, विभूति खंड और हजरतगंज थानों में आवंटियों के साथ धोखाधड़ी करने समेत 150 से अधिक केस दर्ज हैं। इनमें कंपनी के मालिक सुशील असंल, उनके बेटे प्रणव असंल के अलावा हरीश गुल्ला, अंसल लखनऊ के प्रोजेक्ट हेड अरूण मिश्रा और मार्केटिंग व अकाउंट के हेड सुशील सिंह समेत कई लोगों के नाम हैं। सभी के खिलाफ आवंटियों से पैसा जमा कराने के बाद भी प्लॉट न देने, जाली दस्तावेज तैयार करने और जमीन व फ्लैट देने नाम पर लोगों से करोड़ रुपये ठगने जैसे मामले दर्ज हैं।
पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में अंसल के निदेशकों व अधिकारियों द्वारा प्लॉट व फ्लैट के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने, धमकाने, जालसाजी और जाली दस्तावेज तैयार करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। साथ ही पुख्ता सुबूत होने का दावा भी किया गया है।
अंसल एपीआई के खिलाफ आवंटियों से धोखाधड़ी में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक अंसल ग्रुप द्वारा जमीन दिखाने के पहले ग्राहकों के सामने एक नक्शा रखता था। इसमें ऐसे प्लॉट भी दिखाए जाते थे, जबकि कंपनी ने न तो जमीन खरीदी होती थी, न ही उस पर कब्जा होता था। अंसल उस जमीन को भी अपनी बताकर नक्शे में दिखाते ताकि ग्राहकों को लगे कि कंपनी का बड़ा कारोबार है।
अंसल ने खेल करते हुए किसानों के नाम से दर्ज जमीन भी बेच दिया। किसानों से एग्रीमेंट में यह दर्ज किया गया कि जब जमीन दूसरे को बेचने योग्य होगी तो किसान द्वारा अंसल ग्रुप को बेची जाएगी, जबकि इस तरह का एग्रीमेंट गैर कानूनी माना जाता है। लखनऊ पुलिस ने अंसल के चेयरमैन सुशील अंसल और वाइस चेयरमैन प्रणव अंसल सहित कई अधिकारियों के खिलाफ जुलाई 2019 में लुकआउट नोटिस जारी किया था।
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