Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि... न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह म... पीसीपीएनडीटी का पंजीकरण कहीं और अल्ट्रासाउंड सेन्टर संचालित हो रहा है कहीं और, जिम्मेदार गंभीर मामलो... हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल

पुण्य तिथि पर याद किये गये वीर अब्दुल हमीद

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती । शुक्रवार को कबीर साहित्य एवं सेवा संस्थान के अध्यक्ष मो. सामईन फारूकी के संयोजन में कलेक्टेªट परिसर में कार्यक्रम आयोजित कर 1965 के युद्ध में पाकिस्तान के दांत खट्टे कर देने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित वीर अब्दुल हमीद को उनके पुण्य तिथि पर याद किया गया।
मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी एवं चिकित्सक डा. वी.के. वर्मा  ने कहा कि  वीर अब्दुल हमीद ने अपनी ‘गन माउनटेड जीप’ से सात, पाकिस्तानी पैटन टैंकों को नष्ट कर भारतीय सैन्य इतिहास में एक मील का पत्थर खड़ा किया। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा। हमें ऐसे वीर जवानों की स्मृतियों को संजोये रखना होगा। विशिष्ट अतिथि बी.के. मिश्र  ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने सिद्ध कर दिया कि यदि इच्छा शक्ति हो तो कुछ भी असंभव नहीं है।
अध्यक्षता करते हुये वरिष्ठ साहित्यकार सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के धामूपुर गाँव में 1 जुलाई 1933 में  जन्मे वीर अब्दुल हमीद का योगदान सदैव याद किया जायेगा। भारतीय सैनिकों के पास न तो टैंक थे और न तो बड़े हथियार लेकिन उनके पास था भारत माता की रक्षा के लिए लड़ते हुए मर जाने का हौसला था। संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का योगदान सदैव याद किया जायेगा। ऐसे बलिदानियों के कारण ही हम सुरक्षित है।
पुण्य तिथि पर अमर बलिदानी वीर अब्दुल हमीद को नमन् करने वालों में  दशरथ प्रसाद यादव, त्रिभुवन प्रसाद मिश्र, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, शिवकान्त त्रिपाठी, विनय श्रीवास्तव, फूलचन्द,  नीरज कुमार वर्मा  आदि शामिल रहे।