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पैकोलिया थाने पर निशुल्क नेत्र चेकअप व मेडिकल कैम्प शिविर का आयोजन

कबीर बस्ती न्यूजः
रिर्पोट- सौरभ मिश्र
बभनान (बस्ती):शुक्रवार को पैकोलियां थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व मे नवज्योति आई हास्पिटल के  डा0 पी0पी0 दूबे द्वारा थाना परिसर में सभी जनमानस के स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए निशुल्क नेत्र चेकअप व  फ्री मेडिकल कैम्प शिविर का आयोजन किया गया, जिसमे क्षेत्र के लोगो द्वारा सुबह से ही लम्बी-लम्बी कतारो मे खड़े हो कर निःशुल्क नेत्र परीक्षण मे चढ़ -बढ़ कर हिस्सा लिया और अपने  नेत्र  का परीक्षण करा मुफ्त में इलाज करा कर लाभान्वित हुऐ  इस बीच थाना पैकोलिया द्वारा गोद लिऐ गये प्रा. विद्यालय पर आऐ बेसिक शिक्षा अधिकारी बस्ती डा0इन्द्रजीत प्रजापति विद्यालय के बच्चों का नेत्र परीक्षण कराया और इस निःशुल्क नेत्र परीक्षण के आयोजन की हृदय से प्रशंसा कि गयी, थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पाण्डेय ने  कहा कि ऐसे निःशुल्क नेत्र परीक्षण कैम्प के माध्यम से उन लोगो को लाभ मिलता है जो पैसे के अभाव में दूर शहर जा कर बड़े अस्पतालों में अपना इलाज नहीं करा पाते* वैसे लोगों को इस प्रकार के निःशुल्क शिविरो के माध्यम से उनका उचित इलाज करा कर लाभान्वित किया गया.
 क्षेत्र के गरीब, असहाय, विधवा, वृद्ध महिलाओं को घर -घर से बुला कर उनके नेत्र का परीक्षण करवा कर दवाएं दि गयी आंखों के लेंस आँख से विभिन्‍न दूरियों की वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। समय के साथ लेंस अपनी पारदर्शिता खो देता है तथा अपारदर्शी हो जाता है। लेंस के धुंधलेपन को मोतियाबिंद कहा जाता है.
 इसके लक्षण निम्न है-
समय के साथ दृष्टि में क्रमिक गिरावट
वस्‍तुयें धुंधली, विकृत, पीली या अस्‍पष्‍ट दिखाई देती हैं।
रात में अथवा कम रोशनी में दृष्टि में कमी होना। रात में रंग मलिन दिखाई दे सकते हैं या रात की दृष्टि कमजोर हो सकती है।
धूप या तेज रोशनी में दृष्टि चमक से प्रभावित होती है।
चमकदार रोशनी के चारों ओर कुण्‍डल दिखाई देते हैं।
मोतियाबिंद से खुजली,आंसू आना या सिर दर्द नहीं होता है
 चिकित्सीय योग तकनीक के व्यायाम
ताली बजाना,पलकें झपकाना
दोनों आँखों को बारी बारी से एक किनारे से दूसरे किनारे पर केन्द्रित करना,दोनों आँखों को बारी बारी से पहले आगे फिर किनारे की तरफ केन्द्रित करना,आँखों को घुमाते हुए देखना ,दोनों आँखों को बारी बारी से ऊपर और नीचे की तरफ केन्द्रित करना ,नासिका के अग्र भाग को ध्यानपूर्वक देखना, बारी बारी से पास एवं दूर देखना.