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ट्रैवल एजेंट राकेश सरोज हत्याकांड का पर्दाफाशः मंगेतर, उसके पिता व प्रेमी निकले हत्यारा

मंगेतर सुनीता, उसके पिता विनोद और प्रेमी पिंटू गिरफ्तार

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती। प्रतापगढ़ के रहने वाले 42 वर्षीय ट्रैवल एजेंट राकेश सरोज हत्याकांड का कलवारी पुलिस ने सोमवार देर शाम पर्दाफाश कर दिया। हत्या में शामिल मृतक की मंगेतर सुनीता, उसके पिता विनोद और प्रेमी पिंटू निवासी गण बघौड़ा थाना कलवारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मंगेतर सुनीता ने अपने पिता और प्रेमी के साथ मिलकर इसलिए उसे मौत के घाट उतार दिया क्योंकि राकेश शादीशुदा और दो बच्चों का पिता होने के बावजूद झूठ बोलकर उससे शादी करना चाहता था। वह दो लाख 85 हजार रुपये मांग रही थी जिसे देने में वह आनाकानी कर रहा था।

गौरतलब है कि 12 जनवरी को कलवारी थाना क्षेत्र के सुजावलपुर गांव के पास नहर में एक युवक का शव मिला था। सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान राकेश सरोज पुत्र सुखनंदन सरोज निवासी ग्राम बोझी थाना देल्हूपुर जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई थी। पुलिस के जानकारी लेने पर पता चला कि मृतक राकेश सरोज डेढ़ वर्ष पहले सीआरपीएफ से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर लखनऊ के एक ट्रैवल एजेंसी में कार चलाने का काम करता था। जिसका फैजाबाद में रहने वाला कलवारी थाना क्षेत्र के भगोड़ा निवासी सुनीता से सोशल मीडिया के जरिए संबंध हो गया था। सुनीता फैजाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही थी और फेसबुक इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर रील्स बनाकर पैसे कमाने की कोशिश कर रही थी।
एसओ कलवारी आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सुनीता का राकेश सरोज से दोस्ती होने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। 15 अप्रैल 2022 को राकेश अपने परिवार के कुछ लोगों के साथ बस्ती आया और सुनीता से सगाई कर ली। राकेश ने सुनीता को बताया था कि वह सप्लाई विभाग में इंस्पेक्टर है और कोलकाता में उसका फ्लैट है।
सगाई होने के बाद सुनीता कोलकाता जाकर उसके मकान का पता लगाने लगी तो पता चला कि उसकी शादी पहले हो चुकी है और दो बच्चे भी हैं। पत्नी से संबंध ठीक न होने के कारण वह अपने मायके कोलकाता ही रहती थी। यह जानकारी होने के बाद भी सुनीता ने राकेश से संबंध बनाए रखा और उससे रुपये लेती रही।
नौ जनवरी को राकेश अपने घर से लखनऊ जाने के बाद कह कर निकला रात को 1:00 बजे कुसौरा आकर उसने सुनीता को फोन पर बताया कि वह 02 लाख 85 हजार रुपये आरटीजीएस कर रहा है मगर ट्रांजैक्शन फेल हो जा रहा है। इस पर सुनीता ने अपने गांव के पास के बगिया में उसे बुलाया और रुपए मांगने लगी। राकेश ने अगले दिन रुपये लेकर आने के बाद कहा और बस्ती शहर में जाकर रामा लाज में रुक गया।
दूसरे दिन यानी 10 जनवरी को रात में राकेश सुनीता से मिलने उसके गांव बाघौड़ा के बगिया में पहुंचा। जहां कुछ देर बाद योजना के मुताबिक सुनीता के पिता विनोद और उसके पूर्व प्रेमी पिंटू पहुंच गए। तीनों ने मिलकर राकेश के गले में रस्सी कसकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
उसका शव झाड़ियों में छिपा दिया। अगले दिन पिंटू पांडे की मोटरसाइकिल से सुनीता के पिता और पिंटू पांडे ने शव को सुजावलपुर के पास नहर में ले जाकर फेंक दिए। छानबीन के दौरान पुलिस ने जब राकेश के मोबाइल का डिटेल निकाला तो सुनीता के बारे में जानकारी हुई और कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।