बिना पीसीपीएनडीटी के मुन्नाभाई कर रहे हैं अल्ट्रासाउंड, निरीह मरीजों के जान पर आफत
- रजिस्ट्रेशन पॉली क्लीनिक का लेकिन संचालित हो रहा है पूरा अस्पताल
- – अस्पताल मे न तो कोई डाक्टर और न ही कोई पैरा मेडिकल लेकिन यहां होता है गंभीर महिला रोगो का इलाज
- – मुन्नाभाई करते हैं अल्ट्रासाउंड लिखते हैं लम्बा चौडा दवा, आम जनता है हलकान
- – सल्टौवा सीएचसी अन्तर्गत सेखुई भिरिया बाजार मे संचालित लक्ष्मी हास्पिटल का मामला
- – अल्ट्रासाउंड का पूरा घटनाक्रम कैमरे मे हुआ कैद
- – अस्पताल प्रबन्धन के विरूद्व होगी कठोर कार्यवाही दर्ज होगा अभियोग- डा0 राजीव निगम
- रिर्पोट- शाहीन कुरैशी
- कबीर बस्ती न्यूज
- बस्ती। जिले मे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या उदासीनता अथवा मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध यह स्थिति निरीह मरीजों के जीवन पर संकट बन कर खडा है। जिले मे नाजायज तरीके से संचालित हो रहे ऐसे अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेन्टरों की संख्या मे विभागीय कृपादृष्टि से भारी इजाफा हुआ है। अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेन्टर जिले कोने- कोने मे गाजर मूली की दुकानों की भांति खुलेआम संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अन्धा और बहरा हो चुका है वह न तो देखता है और न ही सुनता है। जाहिर है ऐसे लोग गैर कानूनी कार्य का अपना परचम तो लहराते रहेंगे। जी हां हम बात कर रहे हैं सल्टौवा सीएचसी अन्तर्गत सेखुई भिरिया बाजार मे विगत दो वर्षों से संचालित लक्ष्मी हास्पिटल का। जिसका रजिस्ट्रेशन पॉली क्लीनिक का है लेकिन महिला रोगों से लेकर यहां गंभीर से गंभीर रोगों के इलाज का दावा किया जाता है। यहां बिना पीसीपीएनडीटी के अल्ट्रासाउंड भी किया जाता है। इसका खुलाशा तब हुआ जब प्रेस की टीम ने इस अस्पताल का स्टिंग आपरेशन किया और महिला रिर्पोटर का नगद 600 रूपये जमा कर अल्ट्रासाउंड भी कराया।
हैरानी की बात तो यह थी कि इस कथित अस्पताल मे न तो कोई वैध चिकित्सक ही मौजूद है और न ही कोई अनुभवी पैमेडिकल। फिर यहां डिलीवरी , भ्रूणहत्या से लेकर अनेंकों गंभीर रोगों का इलाज करने का दावा किया जा रहा है।
प्रेस की टीम प्रातः करीब 11.30 बजे लक्ष्मी हास्पिटल सेखुई भिरिया बाजार पर पहुंची जहां महिला रिर्पाोटर को पेट का दर्द बताकर हास्पिटल मे उपस्थित डाक्टर का भेष बनाकर कर बैठे बृजेश भट्ट के एडवाइज पर अल्ट्रासाउंड कराया गया और रिर्पोट कब्जे मे लिया गया कथित चिकित्सक ने आधा दर्जन से अधिक दवाएं भी लिखे। लेकिन दवा वहां पर खरीदा नही गया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो कैमरे मे कैद हो गया। इस प्रकार से क्षेत्रीय जनता के साथ धोखाधडी करते हुए अस्पताल प्रबन्धन द्वारा मरीजों के जान से खिलवाड किया जा रहा है। ऐसे नीम हकीम नान मेडिकल के हवा हवाई इलाज से न जाने कितने मरीज इस दुनिया से कूच कर गये होंगे और न जाने जाने कितने लोग गलत इलाज के चलते अपने अज्ञानता तथा अस्पताल प्रबन्धन के द्वारा किये गये इलाज पर आंसू बहा रहे होंगे। अस्पताल प्रबन्धन चन्द रूपयों के लालच मे इन्सान से हैवान बन चुका है। अवैध धन उगाही के लिए अन्जान निरीह मरीजों मरीजों का जान भी लेने पर आमादा है। जिसका कोई नियंत्रण स्वास्थ्य महकमा नही कर पा रहा है।
नाम न छापने के शर्त पर क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने प्रेस को बताया कि इस अस्पताल मे न तो कोई डाक्टर है और न ही कोई पैरामेडिकल मगर यहां सभी महिला सम्बन्धी नाजायज और प्रतिबन्धित कार्य धडल्ले से किये जाते हैं और जब किसी मरीज की हालत बिगडती है तो मरीजों के परिजनों को बस्ती ले जाने का दबाव देते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस अस्पताल मे अनेकों मरीजों के साथ गलत इलाज हुआ है। पीउित मरीजों ने आवाज भी उठाया है लेकिन पहुंच के बल पर मरीजों का आवाज दबा दिया गया है।
इस सम्बन्ध मे मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राजीव निगम ने पूछने पर बताया कि ऐसे अस्पतालों को चिन्हित कर कार्यवाही करने का निर्देश नोडल अधिकारी को दिया गया है उन्होेने कहा कि नाजायज तरीके से प्रशासन को धोखे मे रखकर अल्ट्रासाउंड करना गंभीर अपराध है शीघ्र ही इस अस्पताल के विरूद्व कडी कार्यवाही की जायेगी और प्रबन्धन के विरूद्व अभियोग भी पंजीकृत कराया जायेगा।
