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बुखार में कहीं भटकें नहीं,  सीधे पहुंचे सरकारी अस्पताल

– इधर उधर भटके तो बुखार में बढ़ सकती हैं जटिलताएं

– बिना चिकित्सक के परामर्श के न लें कोई दवा

कबीर बस्ती न्यूज,संतकबीरनगर।उ0प्र0।

किसी को भी बुखार होता है तो वह इधर उधर भटकने के बजाय सीधे अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे। यही नहीं अपने मन से या किसी से पूछ कर मेडिकल स्टोर से खरीदकर भी कोई दवा न खाएं। अगर आपके पास साधन नहीं हो तो निशुल्क एम्बुलेंस सुविधा का प्रयोग करें। बच्चों में होने वाले बुखार के प्रति तो और सतर्कता की जरुरत है। बुखार के इलाज में की गई देरी मरीज में जटिलताएं बढ़ा सकती है।

एसीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. वी. पी. पाण्डेय ने इस समय चल रहे बुखार के सम्बन्ध में लोगों को जागरुक करते हुए यह बातें कहीं। उन्होने कहा कि जिले की हर स्वास्थ्य इकाई पर उत्कृष्ट चिकित्सकों के साथ ही बेहतर दवाईया हैं। ऐसे में किसी अप्रशिक्षित चिकित्सक या फिर मेडिकल स्टोर आदि चलाने वालों से बुखार आदि की दवाएं कदापि न लें। ऐसा करने से उनका बुखार और भी बढ़ सकता है तथा बड़ा रुप ले सकता है। जिले की आशा कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में बुखार के प्रति लोगों को संवेदीकृत करें।

जिले में बच्चों के लिए 48 आईसीयू बेड

डॉ. पाण्डेय ने बताया कि बच्चों के इलाज के लिए जिले में छह ईटीसी कार्यरत हैं। इनमें प्रशिक्षित स्टाफ नर्स के साथ ही साथ चिकित्सक हैं। इसके अतिरक्त हैसर व मेंहदावल आईसीयू में 12 बेड हैं। वहीं जिला अस्पताल में 12 आईसीयू बेड हैं। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल परिसर में बने जेई एईएस ट्रीटमेण्ट सेण्टर में 24 अतिरिक्त बेड हैं। इस प्रकार कुल 48 बेड इंसेण्टिव केयर यूनिट के हैं जो आक्सीजन और वेण्टीलेटर से लैस हैं। इनको प्रशिक्षित आईसीयू स्टाफ द्वारा 24 घण्टे संचलित किया जाता है। इससे सम्बन्धित जांच व दवाओं की भी कोई कमी नहीं है।

ईटीसी लैब व सेण्टर का निरीक्षण

एसीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. वी. पी. पाण्डेय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सांथा क्षेत्र में ईटीसी ( इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेण्ट सेण्टर ) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने वहां पर स्थित लैब का भी निरीक्षण किया तथा वहां पर तैनात कर्मियों से जांच और मरीज के भर्ती के बारे में भी जानकारी प्राप्त की ।