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कंबाइन संचालकों को अपने कंबाइन में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर या स्ट्रा रेक एवं बेलर का उपयोग करने के लिए निर्देश

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती: जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कंबाइन संचालकों को पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अपने कंबाइन में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर या स्ट्रा रेक एवं बेलर का उपयोग करने के लिए निर्देश दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कंबाइन संचालकों के साथ बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के बगैर कोई भी कंबाइन हार्वेस्टर से कटाई नहीं करेंगे। जिलाधिकारी ने लेखपाल तथा ग्राम सचिवों को निर्देशित किया है कि वह पराली न जलाने के लिए किसानों को प्रेरित करेंगे और इसके लिए प्रत्येक गांव में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा तथा पराली जलाने से मिट्टी, जलवायु, एवं मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानियों से अवगत कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने पर माननीय सर्वाेच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा जुर्माना लगाए जाने के लिए निर्देशित किया है। इसमें 2 एकड़ से कम क्षेत्र पर रुपया 2500, दो से 5 एकड़ क्षेत्र के लिए रुपया 5000 तथा 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रुपया 15000 तक पर्यावरण कंपनसेशन की वसूली के निर्देश हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय तथा एनजीटी के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
उन्होंने कंबाइन चालकों को बताया कि इन-सीटू योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 14 प्रकार के यंत्र अनुदान पर दिये जाते है, जिसके लिए आनलाइन आवेदन करना होता है। कंबाइन चालक अनुदान पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर प्राप्त कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि पराली निकट के गौशाला या गौ सरक्षण केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा के अंतर्गत कराई जाएगी। इसे भूसे का उपयोग गौशाला में सुरक्षित पशुओं के लिए किया जाएगा। इसके अलावा पशुओं के बिछावन या अन्य उपयोग में भी इसे लाया जाएगा। जिले में पराली दो, खाद लो कार्यक्रम का संचालन वृहद पैमाने पर किया जाएगा।
उन्होंने उपनिदेशक कृषि को निर्देशित किया है कि अपने कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित करें, जहां पर बिना सुपर स्ट्रा सिस्टम या स्ट्रा रीपर के कंबाइन चलने की सूचना प्राप्त हो सके। उन्होंने एआरटीओ को भी निर्देशित किया है कि बिना रीपर के चलने वाले कंबाइन का चालन करें। उन्होंने लेखपालों को निर्देशित किया है कि धान कटाई के दौरान सजगता एवं सतर्कता बरतें तथा बिना रीपर के चल रहे कंबाइन के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करें। बाहरी जनपदों से आकर कोई कंबाइन धान की कटाई करता है, तो भी सूचित करें। कृषि विभाग के रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 91 कंबाइन संचालक है।
बैठक का संचालन उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार ने किया। इसमें एडीएम कमलेश चंद्र, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, कृषि अधिकारी मनीष सिंह, कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी.के. सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राजमंगल चौधरी, गन्ना अधिकारी मंजू सिंह तथा कंबाइन संचालक उपस्थित रहे।