निकाय चुनाव पर न्यायालय के फैसले का स्वागत

चुनाव में आरक्षण की प्रक्रिया पूरे देश में समान होदीन दयाल त्रिपाठी

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती । निकाय चुनाव पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ खण्ड पीठ के निर्णय का स्वागत करते हुये मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि सत्तारूढ राजनीतिक दल अपने हित लाभ के लिये आरक्षण का प्रयोग करना चाहते हैं, यह प्रवृत्ति देश के लिये खतरनाक है। कहा कि लखनऊ खण्ड पीठ के न्यायाधीशों ने संवैधानिक व्याख्या कर सरकार को आईना दिखाया है।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि एक देश, एक विधान, एक संविधान का नारा लगाने वाले लोग आरक्षण के नाम पर देश को जाति धर्म के आधार  पर विभाजित करने का षड़यंत्र कर रहे हैं। कहा कि चुनाव चाहे ग्राम पंचायत, निकाय या विधानसभा, लोकसभा का प्रक्रिया एक जैसी होनी चाहिये। दीनदयाल तिवारी ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि पिछले तीन दशक से महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में अटका पड़ा है, उस पर राजनीतिक दल मौन है जबकि ग्राम पंचायत आदि के चुनाव में इसका कडाई से पालन कराया जाता है। कहा कि चुनाव में एकरूपता समय की मांग है, आरक्षण पर राजनीतिक लाभ के लिये चर्चा करना भारत जैसे विकासशील देश के लिये वक्त की बरबादी है। आरक्षण की पूर्ण प्रक्रिया पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिये।

ब्रेकिंग न्यूज़
हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर प्रसूता के परिजनों से गायनी स्टाफ ने वसूले 6700 रूपये भानपुर मे बिना डाक्टर का अस्पतालः बिना डिग्री व प्रशिक्षण के इण्टर पास महिला देखती है मरीज और लिखती ... अब मवालियों के हाथ मे स्वास्थ्य व्यवस्था, मुन्नाभाई कर रहे हैं अल्ट्रासाउंड और सिजेरियन आपरेशन ईमानदार एवं कर्मठ एसपी के साख पर बट्टा लगा रहे हैं शहर कोतवाल दिनेश चन्द्र चौधरी, आम जनता परेशान पति, पत्नी पर गाडी चढाकर जान से मारने की कोशिश का आरोपः रत्नाकर श्रीवास्तव ने लगाया न्याय की गुहार सीएमएस के सह पर एमबीबीएस एमडी पैथ डा0 पी.एल. गुप्ता महिला अस्पताल मे करते हैं नियमित ओपीडी सीएमओ कार्यालय के पास संचालित हो रहा है नाजायज लाइफ अल्ट्रासाउंड सेन्टर, अधिकारी मौन समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता चन्द्रभूषण मिश्र के निधन से शोक की लहर