एमओआईसी रूधौली डा0 आनन्द मिश्रा डा0 भावना पर आखिर क्यों हैं मेहरबान, पीएमएसएमए योजना मे बडा खेल संभावित
– एमओआईसी डा0 आनन्द मिश्रा, बीपीएम एवं डा0 भावना की तिगडी से पीएमएसएमए योजना का बुरा हाल
– अधिकतर पात्र गर्भवती महिलाओं को योजना से होना पड रहा है वंचित, विभाग बेखबर
– जिसको डा0 भावना चिन्हित करती हैं उसी को मिलता है योजना का लाभ
– अन्हरा बांटे रेवडी घरै घराना खांय के तर्ज पर चल रहा है डा0 भावना व डा0 आनन्द मिश्रा का कारनामा
– बख्शे नही जायेंगे दोषी जांच कराकर होगी कार्यवाही, योजना के गाइडलाइन मे मनमानी कत्तई बर्दाश्त नही: डा0 राजीव निगम
रिर्पोट- रणधीर उपाध्याय
कबीर बस्ती न्यूज
बस्ती। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का जिले के रूधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कमीशनखोरी का एक सशक्त माध्यम बन गया है। जिसकी मार सीधा गर्भवती महिलाओं को झेलना पडता है। एमओआईसी रूधौली डा0 आनन्द मिश्रा सीएचसी पर तैनात बी0ए0एम0एस डा0 भावना पर इस कदर मेहरबान हैं कि सभी गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड डा0 भावना के भानपुर रूधौली रोड रूधौली स्थित सार्थक हास्पिटल जो सीएचसी से करीब दो किमी दूर है, भेजा जाता है। एमओआईसी डा0 आनन्द मिश्रा, बीपीएम एवं डा0 भावना की तिगडी से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मानसिक व शारीरिक शोषण का शिकार होना पड रहा है। भारत सरकार का अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान इन तीनों तिगडियों के बीच मे उलझ कर रह गया है। जिसको लेकर गर्भवती महिलाओं के गहरा असन्तोष का माहौल है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि रूधौली सीएचसी के अन्तर्गत पीएमएसएमए योजना के लिए दो अल्ट्रासाउंड सेन्टर जे0पी0 अल्ट्रासाउंड और सार्थक हास्पिटल का चयन किया गया है। लेकिन एमओआईसी डा0 आनन्द मिश्रा, बीपीएम एवं डा0 भावना के तिगडी से सभी गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड सार्थक हास्पिटल पर ही भेजा जाता है। जो भारत सरकार के मंशा को तार-तार करता है और वहीं सीएचसी गेट पर ही स्थित जे0पी0 अल्ट्रासाउंड सेन्टर को दो महीनों से योजना से वंचित कर दिया गया है। इस सम्बन्ध मे एमओआईसी डा0 आनन्द मिश्रा से बात किया गया तो उन्होेने कहा कि जे0पी0 अल्ट्रासाउंड सेन्टर योजना के लिए चयनित नही है। क्यों. के सवाल पर उन्होेने बडे बेतुके ढंग से जबाब देते हुए कहा कि आप कौन होते है सवाल पूछने वाले हम जबाब देने के लिए बाघ्य नही हैं।
क्या है पीएमएसएमए योजना का गाइडलाइन-
पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डा0 ए0के0 चौधरी बताते हैं कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जिले मे प्रत्येक माह के 1,9,16 एवं 24 तारीख् को मनाया जाता है। जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क परामर्श किसी एमबीबीएस महिला या पुरूष चिकित्सक द्वारा कराया जाता है। परामर्श के दौरान चिकित्सक मरीज के स्थिति के अनुसार अल्ट्रासाउंड कराने का एडवाइज किया जाता है। अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था सभी सीएचसी एवं पीएचसी पर सीएमओ कार्यालय द्वारा अनुमति प्रदान किया गया है। जिनके अल्ट्रासाउंड सेन्टरों पर क्यूआर कोड के माध्यम से किया जाता है। डा0 चौधरी ने बताया कि प्रत्येक अल्ट्रासाउंड पर सरकार द्वारा अल्ट्रासाउंड सेन्टरों को मात्र 425 रूपये भुगतान किया जाता है। इसके लिए सभी सीएचसी एवं पीएचसी द्वारा चिन्हित मरीजों का लिस्ट बना कर बीपीएम के द्वारा एमओआईसी से हस्ताक्षर कराकर सीएमओ कार्यालय प्रेषित किया जाता है। जहां से क्यूआर कोड जनरेट कर लभार्थी के मोबाइल पर सीधा भेज दिया जाता है। जिसके आधार पर गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया जाता है।
नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डा0 ए0के0 चौधरी ने बताया कि इस योजना मे अक्सर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और जांच कर कार्यवाही भी किया जाता है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि जे0पी0 अल्ट्रासाउंड सेन्टर इस योजना से वर्ष 2022 से ही चयनित है जबकि सार्थक हास्पिटल का योजना के लिए चयन अभी दो माह पहले ही हुआ है। बताया जाता है कि एमओआईसी डा0 आनन्द मिश्रा के अपार अनुकम्पाा से डा0 भावना के सार्थक हास्पिटल पर योजना मे चिन्हित सभी गर्भवती महिलाओं अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा जाता है। योजना के गाइडलाइन के अनुसार बीएएमएस डाक्टर गर्भवती महिलाओं के चयन एवं परामर्श के लिए किसी भी दशा मे पात्र नही है। यहां एक कहावत सटीक बैठ रहा है कि अन्हरा बांटे रेवडी घरै घराना खांय। जैसी स्थिति है।
इस सम्बन्ध मे मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राजीव निगम ने पूछने पर बताया कि प्रकरण मेरे संज्ञान मे नही था। आपके द्वारा बताया गया है। शीघ्र ही आरोपों की जांच कराकर दोषियों के विरूद्व कार्यवाही की जायेगी।
