बस्ती पुलिस का गुडवर्कः महिला समेत चार हत्यारे पकडेे गये
सनसनीखेज-1 प्रेमी ने प्रेमिका की चाकू गोदकर की हत्या 2- नई नवेली पत्नी ने प्रेमी के द्वारा करवा दी पति की हत्या..
जिले मे दो हत्याएं, दो कहानियां और पुलिस की ताबडतोड कार्रवाई
बस्ती। जिले मे 20 नवंबर को दिन और देर शाम दो ऐसी वारदातें सामने आईं, जिन्होंने जिले को भीतर तक झकझोर दिया। एक तरफ परसरामपुर में एक युवक की हत्या ने एक नई-नई शुरू हुई शादीशुदा जिंदगी को खत्म कर दिया, तो दूसरी तरफ रूधौली में एक महिला का शव खेत में मिला, जिसकी कहानी विश्वासघात और टूटते रिश्तों की त्रासदी बयां कर रही थी। इन दो दर्दनाक घटनाओं के बीच पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत सहित क्षेत्राधिकारी तथा मुकामी थाने की पुलिस की ताबडतोड, सटीक और लगातार की गई कार्रवाई की रही। बस्ती पुलिस ने न सिर्फ दोनों मामलों की कडयिों को तेजी से जोडा, बल्कि घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया।
पहली घटना परसरामपुर थाने काः एक शादी, एक पुराना रिश्ता और अंत में मौत
20 नवंबर की शाम परसरामपुर में हलचल तब मची, जब चौकीदार ने थाने में सूचना दी कि बेदीपुर बडकापुरवा का अनीस सडक किनारे खून से लथपथ पडा मिला है। खबर मिलते ही थाना परसरामपुर पुलिस मौके पर दौडी। अनीस को पहले अयोध्या के अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन उसकी जिंदगी बचाई नहीं जा सकी। डॉक्टरों ने बताया कि मौत गोली लगने से हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत और क्षेत्राधिकारी हर्रैया संजय सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की टीमेंकृडॉग स्क्वाड से लेकर सर्विलांस तककृइलाके मे बिखर गईं। कुछ ही घंटों में कहानी की परतें खुलनी शुरू हो गईं।
जांच में सामने आया कि अनीस की पत्नी रूकसाना शादी से पहले रिंकू कन्नौजिया नाम के युवक से प्रेम संबंध में थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार ने रूकसाना की शादी उसके फुफेरे भाई अनीस से कर दी। शादी के बाद भी रूकसाना और रिंकू चोरी-छिपे संपर्क में बने रहे, जिससे दांपत्य जीवन में तनाव बढता गया। 19-20 नवंबर के बीच रूकसाना अपने मायके गई। यहीं रिंकू और रूकसाना के बीच अनीस को रास्ते से हटाने की साजिश तैयार हुई।
पुलिस ने सिर्फ 2 घंटे में रिंकू कन्नौजिया, रूकसाना और एक बाल अपचारी तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारियों के साथ पुलिस ने कट्टा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की। इस कहानी ने रिश्तों की नाजुकता और अविश्वास की कडवी सच्चाई सामने रख दी। एक कमजोर डोर कैसे खून-खराबे में बदल सकती है।
दूसरी घटना, रूधौली थाना क्षेत्र के खेत में मिला शव, चेहरे पर चोटें और एक पुराने प्रेम का काला सच
20 नवंबर की सुबह लगभग 11 बजे रुधौली-भानपुर मार्ग के पास धान के खेतों के बीच एक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। रुधौली पुलिस प्रभारी प्रभाती दीक्षित, एसआई संजय दुबे व टीम मौके पर पहुंची। दृश्य भयावह थाकृमहिला के चेहरे पर गंभीर चोटें थीं, शरीर पर कई निशान थे।शव के पास मिले आधार कार्ड से महिला की पहचान सिद्धार्थनगर निवासी 27 वर्षीय प्रीति के रूप में हुई। प्रीति की सास ने तहरीर दी, लेकिन शुरुआती स्तर पर केस बिल्कुल अंधेरे में था। कोई गवाह नहीं, कोई सीधा सुराग नहीं।
पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया। कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेजकृहर कडी को जोडते-जोडते आखिरकार पुलिस एक नाम तक पहुंच गई हत्यारे का नाम दिलीप अग्रहरि प्रकाश मे आया।
21 नवंबर की सुबह पुलिस ने आमी नदी के पुल के पास से दिलीप को पकड लिया। पूछताछ में उसने मामला कबूल लिया। दिलीप और प्रीति के बीच लंबे समय से संबंध थे। हाल के दिनों में प्रीति उस पर शादी का दबाव डाल रही थी, क्योंकि उसके पेट में प्रेमी का बच्चा ठहर गया था। विवाद गहराया, तनाव बढा और अंत में दिलीप ने उसे मिलने के बहाने बुलाकर खेत में ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसके पास से हथियार और मोबाइल बरामद किया।
घटनाक्रम में एक और दर्दनाक पहलू सामने आया प्रीति का 2 वर्षीय बच्चा पूर्व रात बीमारी की हालत में सडक पर मिला था। स्थानीय लोगों ने उसे इलाज दिलाकर पुलिस को सौंपा।
पुलिस की कार्रवाईः 2 घंटे और 12 घंटे में खुल गए दो हत्याकांड
दोनों मामलों का खुलासा पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत, क्षेत्राधिकारी सदर सतेंद्र भूषण त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी हर्रैया संजय सिंह के साथ प्रेसवार्ता में किया।
,एसपी अभिनन्दन ने बताया कि परसरामपुर हत्याकांड में पुलिस, स्वाट, एसओजी और सर्विलांस टीम ने मिलकर 2 घंटे के अंदर आरोपी को पकड लिया। रूधौली हत्याकांड मेंतकनीकी जांच की मदद से 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों केसों में पुलिस की तेज कार्रवाई ने न सिर्फ आरोपियों को पकडा, बल्कि घटनाओं की परतें भी साफ कर दीं। बस्ती पुलिस की यह तत्परता जिले में कानून व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को मजबूत करती।

