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पालिका कर्मचारी ने नगरपालिका की छत पर लगाई खुद को फांसी, विवादों के घेरे में पालिका

भाटापारा। नगर पालिका मैं आज सुबह उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब दोपहर 1बजे के करीब पालिका कर्मचारी जो स्वास्थ्य विभाग में स्वीपर के रूप में कार्यरत था उसने नगरपालिका की छत पर लगी छड़ पर रस्सी बांधकर खुद को फांसी लगा ली। जानकारी के मुताबिक नगर पालिका में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कर्मचारी काफी समय से परेशान चल रहे है, मौके पर मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि कुछ समय से हमें वेतन नहीं मिल पा रहा और हमारे कुछ साथियों को भी पालिका से निकाल दिया गया है।
इस विषय पर भाटापारा नगर पालिका सीएमओ का कहना है कि पालिका में कार्यरत समस्त कर्मचारियों को समय पर तनखा दी जाती है, कभी-कभी कुछ समय के लिए विलंब जरूर होता है ,पर वर्तमान में कोई ऐसी स्थिति नहीं है और जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, वे शासन की गाइडलाइन के अनुरूप ही कार्य किया गया है। सुसाइड करने वाले कर्मचारी का व्यक्तिगत मामला हो सकता है।

नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि का कहना है कि हम कर्मचारी की आत्महत्या के बारे में कुछ नहीं कह सकते।

सवाल उठता है कि प्रदेश की बड़ी नगर पालिकाओं में से भाटापारा नगर पालिका कुछ समय से विवादों के घेरे में चल रही है। अधिकारी कर्मचारियों की मनमानी, जनप्रतिनिधियों का कर्मचारियों पर दबाव ना होना, निरंतर प्रगति से कार्य ना होना, अतिक्रमण, निर्माण कार्यों में देरी तथा फाइलों का गुम होना,जैसे अनेक मुद्दे विगत वर्षों से पालिका की छवि को खराब कर रहे हैं। अब कर्मचारी के द्वारा आत्महत्या के बाद पालिका की कार्य प्रणाली पर और भी प्रश्न खड़े हो रहे है। कर्मचारी की आत्महत्या से समझा जा सकता है कि पालिका किस हाल में चल रही है।

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