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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं प्रदेश सचिव ने शीला दीक्षित को उनकी जयंती पर किया याद

बस्ती – वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं प्रदेश सचिव देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के मालवीय रोड स्थित आवास पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं केरल की राज्यपाल शीला दीक्षित को उनकी जयंती के अवसर पर याद किया गया। प्रदेश सचिव ने शीला दीक्षित के योगदान को याद करते हुये कहा कि अपनी राजनीतिक दक्षता के दम पर वे तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं। आजीवन वे पार्टी के शीर्षस्थ नेतृत्व का विश्वास जीतती रहीं।
अपने राजनैतिक जीवन में उन्होने कभी कांग्रेस का विकल्प नही ढूढ़ा। वे हमेशा कहा करती थीं कि धर्म निरपेक्षता भारत की वैश्विक पहचान है और इसे कांग्रेस ही कायम रख सकती है। उनकी बात सच निकली, कांग्रेस के सत्ता से हटते ही राजनीति में कट्टरवाद हाबी हो गया और धर्मनिरपेक्ष भारत की पहचान कमजोर होती चली गयी। कार्यक्रम के संयोजक एवं आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री शीला दीक्षित को हृदय की गंभीर बीमारी ने हमसे असमय छीन लिया।
लेकिन पार्टी के प्रति उनका समर्पण और काम के प्रति सच्ची लगन हमारे लिये हमेशा प्रेरणासगोत रहेगी। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने शीला दीक्षित के चित्र पर पुष्पार्चन कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव डा. वाहिद सिद्धीकी, जिला महासचिव डा. दीपेन्द्र सिंह, अमित सिंह, सुधीर यादव, संजीव त्रिपाठी, फिरोज खान, भानू प्रताप सिंह, अनुराग पाण्डेय, डा. उत्कर्ष श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, अजीज, सुरेन्द्र मिश्रा आदि मौजूद रहे। सभी ने शीला दीक्षित को याद करते हुये उनके राजनीतिक जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।