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अब किसी भी सरकारी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे किसान

बस्ती।  किसान अब किसी भी सरकारी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। उक्त जानकारी जिला अधिकारी श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने दी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए नजदीकी क्रय केंद्र से किसान के राजस्व ग्राम की सम्बद्धता के आदेश को शिथिल कर दिया गया है। नए फैसले से किसानों को अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र पर जाने का मौका मिलेगा और वह आसानी से अपनी उपज बेच लेंगे। सरकार के निर्देश पर गेहूं क्रय के 72 घण्टे में भुगतान सीधे किसान के खाते में किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अपर आयुक्त खाद्य व रसद विभाग ने किसी भी क्रय केंद्र पर किसान के गेहूं बेचने के संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। इस नए आदेश में बताया गया है कि मंडी स्थल के बाहर स्थापित क्रय केंद्रों से राजस्व ग्रामों के संबद्धिकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। हालांकि पूर्व में राजस्व ग्रामों के संबद्धिकरण की अनिवार्यता वाले आदेश में भी इस बात का ख्याल रखा गया था कि किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए अधिक दूरी न तय करनी पड़े। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते किसानों को और सहूलियत देने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इससे किसान को जनपद के किसी भी क्रय केंद्र पर जाकर सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (1975 रुपये प्रति क्विंटल) गेहूं बेचने की छूट मिल गई है। मंडी स्थल पर किसान पहले की तरह अपना गेहूं बेचने को स्वतंत्र रहेंगे।
उन्होंने बताया कि किसी गांव के किसान अपने गांव के समीप दूसरे जनपद के क्रय केंद्र पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सकेंगे। इसके लिए जिला खरीद अधिकारी दूसरे जिले के खरीद अधिकारी से विचार विमर्श कर किसान को अनुमति प्रदान करेंगे। आदेश में यह भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी क्रय केंद्र बंद नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गेहूं बेचने के लिए किसी किसान का अब तक पंजीकरण नहीं हो सका है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। किसान अभी भी किसी जनसेवा केंद्र पर पंजीकरण करा सकते हैं। यह भी संभव न हो, तो वह अपने खेती और बैंक खाते से सम्बंधित दस्तावेज क्रय केंद्र पर ले जाकर भी पंजीकरण करा सकते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 2214 किसानों से 11339 मैट्रिक टन गेहूं खरीद किया गया है। इसके कुल मूल्य 2239 लाख रुपए के सापेक्ष 1856 लाख रुपए किसानों का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 55956 मैट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। किसानों को प्रति कुंटल 1975 रुपए का भुगतान किया जा रहा है।