Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अयोध्या में बनेगा अनूठा मंदिरों का संग्रहालय, प्राचीन शैलियों के मंदिरों के बनाए जाएंगे कई मॉडल अंसल एपीआई के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने कसा शिकंजा, पुलिस कमिश्नर से अंसल के खिलाफ लखनऊ में दर्ज मु... कोटे के दूकान के आवंटन की मांगः डीएम को सौंपा ज्ञापन सदर विधायक महेन्द्र यादव ने मो. सलीम, शैलेन्द्र को बनाया प्रतिनिधि अदालत के आदेश के बाद भी नहीं मिला जमीन पर कब्जा, डीएम ने दिया कार्रवाई का निर्देश बच्चों के साथ ससुराल में शान्ती देवी ने शुरू किया धरना शासन के निर्देश पर हुआ परिषदीय स्कूलों की साफ—सफाई 01 जुलाई से 30 सितंबर तक संचालित किया जाएगा संभव अभियान,चिन्हित किये जायेंगे अतिकुपोषित बच्चे : सीडी... प्रतापगढ़: सिपाही संजय यादव की हत्या के मामले मे शामिल चार आरोपी पुलिस हिरासत में अलर्ट: प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 682 नए मामले

कोरोना कर्फ्यू में बचायी जच्चा-बच्चा की जान, एंबुलेंसकर्मियों को मिला सम्मान

पिपरौली ब्लॉक की गर्भवती का एंबुलेंस में ही मई माह में करवाया था सुरक्षित प्रसव

चेक देकर सम्मानित किये गये ईएमटी और पॉयलट

संवाददाता,गोरखपुर।  कोरोना कर्फ्यू के दौरान गर्भवती के परिजनों की सूचना पर तत्परता से एंबुलेंस लेकर पहुंचे और स्थिति गंभीर होती देख एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करा दिया । प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित तरीके से पिपरौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेज कर उनकी जान बचाने वाले एंबुलेंसकर्मियों को ईनाम का चेक मिला है। यह ईनाम जिले में 108 और 102 नंबर एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही संस्था जीवीके ईएमआरआई द्वारा दिया गया है। संस्था के प्रोग्राम मैनेजर अजय उपाध्याय के हाथों ईनाम चेक के जरिये इमर्जेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) यार मोहम्मद और पॉलयट विरेंद्र को प्रदान किया गया है।
प्रोग्राम मैनेजर ने बताया कि बीते मई माह के पहले पखवाड़े में कोरोना कर्फ्यू के दौरान पिपरौली ब्लॉक के नौसढ़ निवासी दिलीप ने 102 नंबर सेवा पर सूचना दी थी । उन्होंने बताया था कि उनकी पत्नी गर्भवती हैं और काफी प्रसव पीड़ा हो रही है । सूचना के बाद ईएमटी यार मोहम्मद और पॉयलट विरेंद्र गाड़ी लेकर 20 मिनट में पहुंच गये । गाड़ी संगीता को लेकर पिपरौली सीएचसी के लिए चल पड़ी लेकिन टोल प्लाजा के पास उनकी स्थिति काफी खराब हो गयी । पति दिलीप की सहमति से एंबुलेंस में प्रसव कराने का फैसला लिया गया था। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एंबुलेंस में प्रसव कराया गया और फिर उन्हें पिपरौली सीएचसी पहुंचाया गया जहां जच्चा-बच्चा स्वस्थ घोषित किये गये।
नकद पुरस्कार पाने वाले ईएमटी यार मोहम्मद ने  बताया कि उन्हें सुरक्षित प्रसव का प्रशिक्षण मिला है । एंबुलेंस की 102 नंबर सेवा में प्रसव के लिए इस्तेमाल होने वाले आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध होते हैं । गर्भवती के द्वारा इस एंबुलेंस सेवा की सुविधा प्राप्त करना सुरक्षित होता है । प्रशिक्षण व सुविधाओं के कारण ही यह ईनाम मिल सका है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है । पॉयलट विरेंद्र ने बताया कि 102 नंबर की गाड़ी न सिर्फ गर्भवती को सुविधा देती है, बल्कि नसबंदी के लाभार्थियों और नवजातों के बीमार होने पर उनकी भी मदद करती है। प्रोग्राम मैनेजर अजय और हेल्प डेस्क मैनेजर बृजेश के समन्वय में बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। पुरस्कार से अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरणा मिली है।