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श्रीराम जन्म भूमि जमीन खरीद मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

जमीन खरीद मामले की सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच हो- अंकुर वर्मा

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती। गुरूवार को प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारे लगाते हुये शास्त्री चैक से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट क्षेत्र द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण हेतु दिये गये चंदे से भूमि की खरीद के आर्थिक अनियमिता के सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराये जाने की मांग सम्बंधित राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन 8 सूत्रीय ज्ञापन सीआरओ नीता सिंह को सौंपा।
जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन देते हुये कांग्रेस अध्यक्ष अंकुर वर्मा ने कहा कि भूमि खरीद में मनमानी करोड़ो भारतीयांे के आस्था से जुड़ा प्रकरण है, इसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है। कहा कि श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट क्षेत्र द्वारा अयोध्या में क्रय की गई जमीन मामले की सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच करायी जानी चाहिये जिससे सत्यता सामने आ सके।
पूर्व विधायक अम्बिका सिंह ने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि निर्माण में लोगों ने उदारता से चंदा दिया है, इसका दुरूपयोग दुर्भाग्यपूर्ण है। दो करोड़ रूपये में खरीदी गई भूमि का लगभग 8 गुना कीमत पर बैनामा होना आश्चर्यजनक है। इस पूरे प्रक्रिया की जांच होनी चाहिये जिससे सच्चाई सामने आ सके।
राष्ट्रपति को भेजे 8 सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया है कि जिन्होने इस भूमि को 18.5 करोड रूपये में बेचा है उन्होने भूमि की बिक्री से प्राप्त राशि को किन-किन खातों में स्थानान्तरित किया, या आगे किस प्रकार का उपयोग किया इसकी जांच हो। ज्ञापन में कहा गया है कि भूमि की खरीद के लिये क्या ट्रस्ट ने कार्य समिति की कोई बैठक बुलाकर प्रस्तावित पारित किया था जिसमें यह बताया गया हो कि मात्र दो करोड़ रूपये भूमि का मूल्य 18.5 करोड़ रूपया चुकाना होगा जबकि सरकारी सर्किल रेट 5.80 करोड़ रूपया ही था। जिस भूमि की खरीद किया गया है वह श्रीराम मंदिर के लिये प्रस्तावित स्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर है, इतनी दूर औचित्य हीन भूमि की खरीद के लिये क्या ट्रस्ट के किसी भी जिम्मेदार सदस्य ने अपना विरोध दर्ज क्यों नहीं किया। राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में मांग किया गया है कि समूचे मामले की सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच करायी जाय जिससे सच सामने आये। देश वासियों को यह जानने का अधिकार है क्योंकि उन्होने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिये चंदा दिया है।
यह जानकारी देते हुये कांग्रेस प्रवक्ता मो. रफीक खां ने बताया कि ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से प्रेमशंकर द्विवेदी, रामभवन शुक्ल, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’ अनिल भारती, गायत्री गुप्ता, गिरजेश पाल, नर्वदेश्वर शुक्ल, प्रशान्त पाण्डेय, सूर्यमणि पाण्डेय, सचिन शुक्ल, वृजेश कुमार आर्य, संदीप श्रीवास्तव, भूमिधर गुप्ता, राजकुमार सोनकर, महेन्द्र श्रीवास्तव, अलीम अख्तर, विवेक श्रीवास्तव, मनोज त्रिपाठी, गुड्डू सोनकर, शेर मोहम्मद, सोमनाथ पाण्डेय, लालजीत पहलवान, राहुल चैधरी, अमर बहादुर शुक्ल ‘तप्पे बाबा’, नीलम विश्वकर्मा, सुनील कुमार सिंह, शकुन्तला देवी, राधा देवी, विकास वर्मा, जय प्रकाश अग्रहरि, सत्य प्रकाश पाण्डेय, विनोद रानी आहूजा, अभिषेक सिंह सूर्यवंशी, सर्वेश कुमार शुक्ल, अजय प्रताप सिंह, इन्द्रपाल सिंह, चन्द्र प्रकाश पाठक, राज सिंह, शैलेन्द्र मिश्र, लवकुश गुप्ता के साथ ही कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।