ब्रेकिंग न्यूज़
वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश

निगहबानी मे बडी चूक, दिनदहाडे जेल तोडकर भाग गये 6 बाल अपचारी

फरार सभी बाल कैदियों पर दर्ज है चोरी का अभियोग

फरार बाल कैदियों को पकडने के लिए लगायी गईं पुलिस की 4 टीमें

दो होमगार्डों के सहारे बाल संप्रेक्षण गृह की थी जिम्मेदारी वह भी बिना किसी शस्त्र के

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

शहर के पचपेडिया रोड पर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से विभिन्न जनपदों के चोरी के मामले मे निरूद्व 6 बाल अपचारी आज दिन दहाडे जेल तोड कर फरार होने मे सफल रहे और जिम्मेदार गहरी नींद मे सोते रहे। एक साथ 6 बाल अपचारियों के फरार होने के सूचना पर पुलिस एवं प्रशासनिक अमले मे हडकम्प मच गया। हलांकि पुलिस अधीक्षक आषीश श्रीवास्तव ने 4 पुलिस टीमों का गठन कर बाल कैदियों को पकडने के लिए लगा दिया है। बाल कैदियों के दिन दहाडे फरार होने की सूचना मिलते ही समस्त पुलिस एवं प्रशासनिक अमला बाल संप्रेक्षण गृह पहुंच गया। बाल कैदी कैसे फरार हुए इसकी बारीकी से जांच होने लगी। हलांकि बाल कैदियों का फरार होने का सीसी फुटेज कैमरे मे कैद हो गया है। इस सनसनीखेज घटना के बारे मे कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नही है।

बल संप्रेक्षण गृह की क्षमता 30 की, निरूद्व हैं 97

बल संप्रेक्षण गृह की क्षमता मात्र 30 बाल अपचारियों को रखने की है। लेकिन ओवरलोड के चलते वर्तमान समय मे 97 बाल कैदी निरूद्व हैं। यहां की स्थिति बद से बदतर है। यहां बाल अपचारियों को जानवरों जैसा जीवन जीना पडा रहा है। जिसका कोई पुरसाहाल नही है।

बाल कैदियों के रखवाली के लिए बिना शस्त्र के दो होमगार्ड

जिला व पुलिस प्रषासन की घोर लापरवाही का परिणाम रहा कि दिन दहाडे 6 बाल कैदी फरार होने मे सफल रहे। सुरक्षा एवं निगरानी का कोई ठोस इन्तजाम बिल्कुल भी नही किया गया। जिसके कारण यह घटना घटित हुई। प्रषासन को बाल कारागार मे सुरक्षा एवं निगरानी के लिए पर्याप्त इन्तजाम किया जाना चाहिए। यह हाल तब है जब बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक उसी परिशर मे दूसरे मंजिले पर निवास करते है।