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बैठक में लिया गया बाल सम्प्रेक्षण गृह एवं किशोर न्याय बोर्ड के कार्यालय के लिए अलग भवन देखने का निर्णय

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभागार में सम्पन्न हुयी। उन्होने समिति को आश्वस्त किया कि जिला पंचायत द्वारा हरसम्भव सहायता उपलब्ध करायी जायेंगी। बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण दिलाने के लिए सभी योजनाओं का संचालन गुणवत्तापूर्ण किया जायेंगा।
उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में प्रत्येक बच्चे को कानूनी सहायता उपलब्ध करायी जाय ताकि उन्हें सम्प्रेक्षण गृह से मुक्त कराया जा सकें। उन्होने सम्प्रेक्षण गृह के लिए अलग भवन किराये पर लेने का भी निर्देश दिया। वर्तमान समय में पचपेड़िया रोड पर स्थित 30 की क्षमता वाले गृह में 118 बच्चें रह रहे है।
जिलाधिकारी श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने निर्देश दिया कि  बाल श्रम से मुक्त कराये गये बच्चों की सूची श्रम विभाग, डीआईओएस तथा बेसिक शिक्षा को उपलब्ध करा दें ताकि उनका फालोअप किया जा सकंे। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि सेवा योजको पर की गयी कार्यवाही की रिपोर्ट पर भी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाय। बाल श्रम अधिकारी विनय दूबे ने बताया कि पिछले दो वर्ष में बाल श्रम से मुक्त कराये गये 17 सेवा योजको पर 10-10 हजार रूपये का जुर्माना कोर्ट द्वारा लगाया गया है। उन्होने बताया कि पिछले महीने में बाल श्रम से 17 बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया है। उनके माता-पिता को मनरेगा के तहत मजदूरी तथा आवास आदि की सुविधा दिलायी जा रही है।
जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर, सीओ सदर तथा प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया है कि प्लास्टिक काम्पलेक्श में चिन्हित मकान का संयुक्त निरीक्षण कर लें। इसे सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त पाये जाने पर बाल सम्प्रेक्षण गृह के लिए किराये पर लिया जायेंगा। उन्होने किशोर न्याय बोर्ड के कार्यालय के लिए अलग भवन किराये पर देखने का निर्देश दिया।
सीडीओ डॉ0 राजेश कुमार प्रजापति ने निर्देश दिया कि फोस्टर केयर योजना के तहत 07 से 18 वर्ष आयु के संस्थाओं में रखे गये बच्चों को प्रतिष्ठित परिवार द्वारा देख-भाल के लिए सुपुर्दगी में दिये जाने का अभियान संचालित करें ताकि इन बच्चों की उचित शिक्षा हो सकें। बाल कल्याण समिति के आदेश पर ऐसे बच्चों को एक वर्ष या अधिकतम 03 वर्ष के लिए दिया जाता है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि इस वर्ष 04 गुमशुदा बच्चों की एफआईआर विभिन्न थानों में दर्ज करायी गयी है, इसमें से 02 बच्चें बरामद कर लिए गये है। उन्होने बताया कि वर्ष 2009 से कुल 43 बच्चों के गुम होने की एफआईआर दर्ज हुयी है। बैठक का संचालन प्रोबेशन अधिकारी अनुपमा यादव ने किया। बैठक में एसीएमओ डॉ0 फखरेयार हुसैन, डॉ0 सीके वर्मा, बीएसए जगदीश शुक्ल, डीआईओएस डीएस यादव, रिजवाना परवीन, मंजू त्रिपाठी, डॉ0 एसके श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, विभा पाण्डेय, अम्बुज कुमार, गोवर्धन गुप्ता, दिनेश कुमार अग्रहरी, विभा श्रीवास्तव उपस्थित रहें।