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अर्धविक्षिप्त कथित गैग रेप पीडिता को ऐसे ही लावारिश फेंक कर चली गयी पैकोलिया पुलिस

अन्तरात्मा को झकझोर देने वाली बभनान के वार्ड नं0-06 मे स्कूल के खण्डहर मे 4 अक्टूवर की रात को घटी

गैंगरेप की घटना को चाशनी डालकर पी गयी मित्र पुलिस, चहुंओर है पुलिस के इस संवेदनहीनता की चर्चा

कहां गयी पीडिता पैकोलिया पुलिस को नही पता, एसएचओ प्रदीप सिंह बन गये डाक्टर,बिना मेडिकल के कहा पागल

पैकोलिया पुलिस की शर्मनामक हरकत

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

पुलिस के आला अधिकारी आम जनता से बेहतर समन्वय का दावा भले कर लें लेकिन यूपी पुलिस के चाल और चरित्र मे कोई सुधार आने वाला नही है। यही पुलिस डांका भी डालती है और लूट एवं आर्थिक लाभ के लोभ मे बडे बडे अपराध भी कारित कर देती है। जिसके असंख्य उदाहरण है। बीते 4 अक्टूवर को पैकोलिया थाने के बभनान वार्ड नम्बर 6 मे स्थित एक स्कूल के खण्डहर मे देर रात एक अर्ध विक्षिप्त युवती के अस्मत को चार दरिंदों ने तार-तार कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस पीडिता को बिना मेडिकल एवं अन्य विधिक कार्यवाही के जिला अस्पताल मे फेंक कर चली गयी। पीडिता का आवाज बने वहां के सभासद सुनील कुमार गुप्ता ने थाने मे तहरीर भी दिया लेकिन पुलिस ने उसे रद्दी टोकरी मे डाल दिया। यह गंभीर घटना आला अधिकारियों के मुंह पर जोरदार तमाचा है।

आईए जाने घटना का विस्तृत विवरण

जिला अस्पताल बस्ती मे भटकने वाली एक 24 वर्षीय अर्ध विक्षिप्त युवती बभनान रेलवे स्टेशन पहुच गयी। 4 अक्टूवर की रात करीब 11ः30 बजंे वह जब रेलवे स्टेशन पर भटक रही थी उसी समय चार दरिंदे उसे उठाकर बभनान के वार्ड नम्बर-06 स्थित जूनियर मिडिल हाई स्कूल के खण्डहर मे ले गये। जहां चारों दरिंदों ने युवती को कथित रूप से नशे का इंजेक्शन देकर बडे ही बेरहमी से उसके साथ दुश्कर्म किया। अपनी दुकान बन्द कर  घर जा रहे एक व्यवसायी ने लडकी की चीख पुकार सुनी जो खण्डहर से आ रही थी। उस व्यवसायी ने मोहल्ले के और लोगों को सूचित किया। दर्जनों की संख्या मे पहंुचे ग्रामीणों ने खण्डहर मे जाकर देखा तो सबके होश उड गये। वहां चार बहसी दरिंदे युवती के अस्मत के साथ खिलवाड कर रहे थे। लोगों को देखते ही आरोपी रात के अन्धेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गये। किसी ने घटना की सूचना वार्ड के सभासद सुनील कुमार गुप्ता को दी। घटनास्थल पर पहुंचे सुनील कुमार ने इसकी सूना 112 के साथ ही एसएचओ पैकोलिया को दिया।
मौके पर पहंुची पैकोलिया पुलिस ने महिला आरक्षी अंजलि व विपिन भट्ट व र्धपाल यादव आरक्षी के मौजूदगी मे 108 एम्बुलेंस के सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरैया ले जाया गया। जहां से पीडिता को जिला अस्पताल बस्ती के लिए रेफर कर दिया गया। 108 एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंची पुलिस अर्ध विक्षिप्त युवती को लावारिश अवस्था मे छोडकर चली गयी।

पैकोलिया पुलिस को नही पता कहां गयी अर्ध विक्षिप्त पीडिता

एसएचओ पैकोलिया प्रदीप कुमार ने पूछने पर बताया कि लडकी पागल थी और इधर-उधर भटकती थी। भटकते हुए वह बभनान पहुंच गयी थी। उसे जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया है। विधिक कार्यवाही के सवाल पर वे चुप्पी साध गये। पूछने पर वे पीडित युवती का नाम व पता भी नही बता पाये। पीडिता इस समय कहां है के सवाल पर जबाब नही दे पाये। यहां तक कि क्षेत्राधिकारी हरैया ने भी घटना से अनभिज्ञता जाहिर किया और उन्होेने कहा कि प्रकरण मेरे जानकारी मे नही है।

एसपी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रकरण मेरे संज्ञान मे नही है। इसकी जांच कराकर दोषियों को बख्शा नही जायेगा और पैकोलिया पुलिस के गैर जिम्मेदाराना हरकतों की जांच करायी जाएगी।

क्या कहता है कानून

जानकार बताते हैं कि चूंकि घटना अर्ध विक्षिप्त युवती से जुडा हुआ है। इस मामले मे सभासद सुनील कुमार गुप्ता के तहरीर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही पुलिस को करना चाहिए था। जिससे घटना मे षामिल दोशयों को सजा मिल पाता। पीडिता की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए पीडिता को नारी निकेतन को सुपुर्द करना चाहिए था। लेकिन पैकोलिया पुलिस ने ऐसा नही किया और फिर युवती को घटना का षिकार होने तथा दर-दर भटकने के लिए छोड दिया। भारतीय कानून मे ऐसे गंभीर अपराधों से पीडित महिलाओं के लिए अनेक व्यवस्थाएं दी है। जिसे पुलिस ने नजरअन्दाज कर दिया।

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