Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

मुुद्दोें को लेकर नोटा के लिये प्रचार करेगी मेधा पार्टी- दीनदयाल

कबीर बस्ती न्यूजः

बस्ती । मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि पार्टी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, एकल पद से आरक्षण समाप्त किये जाने, एससीएसटी एक्ट का दुरूपयोग कर दर्ज कराये गये फर्जी मुकदमों को वापस कराये जाने, जातिमुक्त संविधान व्यवस्था कायम करने, आरक्षण का लाभ एक बार ही दिये जाने आदि की मांग को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाकर नोटा के पक्ष में मतदान का आग्रह किया जायेगा।
दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि एक ही देश की लोकतांत्रिक प्रणाली में अलग- अलग प्रक्रिया कैसे अपनायी जा सकती है। कहा कि  ग्राम प्रधान, जिला पंचायत       अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख, नगर पालिका, नगर पंचायत के चुनावों में एकल पद से चक्रानुक्रम आरक्षण पूरी तरह से असंवैधानिक है, इसे समाप्त किया जाय। अन्यथा की स्थिति में     प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि के पदों पर भी चक्रानुक्रम आरक्षण लागू  किया जाय।  श्री त्रिपाठी ने कहा कि  अधिकांश राजनीतिक दल अपने वायदों पर खरा नहीं उतरे है। विशेषकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का शत प्रतिशत लाभ उत्तर प्रदेश के छात्रों को नहीं मिला। इन सवालों को लेकर मेधा युवाओं का आवाहन करेगी कि वे अपने- अपने क्षेत्रों में नोटा पर मतदान कर विरोध दर्ज कराये। लोकतंत्र में मतदाताओं का यह संवैधानिक अधिकार है। राजनीतिक दल मुद्दोें से न भटके इसके लिये मेधा नोटा को हथियार बनाकर जन जागरण करेगी।