Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि... न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह म... पीसीपीएनडीटी का पंजीकरण कहीं और अल्ट्रासाउंड सेन्टर संचालित हो रहा है कहीं और, जिम्मेदार गंभीर मामलो... हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल

गायत्री शक्तिपीठ पर चैत्र नवरात्रि की पूर्णाहुति संपन्न,आईजी भी सपत्नी हुए सम्मिलित

कबीर बस्ती न्यूज:

बस्ती। गायत्री शक्तिपीठ बस्ती के स्थाई यज्ञशाला में चैत्र नवरात्रि की पूर्णाहुति 11 अप्रैल 2022 दिन सोमवार को 11:00 बजे दिन में सैकड़ों भाई बहनों, साधकों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईजी बस्ती जोन राजेश मोदक सपत्नी पूर्णाहुति मैं सम्मिलित हुए। गायत्री शक्तिपीठ के ट्रस्टी/वरिष्ठ परिव्राजक राम प्रसाद त्रिपाठी ने आईजी तथा उनके साथ आयी उनकी पत्नी का फूल मालाओ से तथा अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। आईजी राजेश मोदक कहा कि यह शक्ति साधना पर्व उपस्थित सभी भाइयों बहनों को आत्म बल संवर्धन में प्रेरणा का स्रोत बने एवं मर्यादित जीवन जीने की शक्ति प्रदान करें | गायत्री परिवार के सत्प्रयासों एवं कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए परिजनों को साधुवाद दिया।
कार्यक्रम के संचालन एवं व्यवस्था में कपिल देव मुख्य परिव्राजक के साथ श्याम पांडे, दिनकर, स्वामी दयाल, हरिशंकर, नितेश, कांति देवी, रेखा,विजयलक्ष्मी, निर्मला, जगदंबिका पांडेय,सर्वेश श्रीवास्तव,के के पांडे, प्रभाकर,विशाल, राजकुमार, शिवम, महेश्वरानंद, मोनू, अमन, विवेक, संतोष, श्रवण कुमार, त्रिलोकी आदि भाइयों बहनों ने श्रद्धा, निष्ठा पूर्वक सहयोग किया | कार्यक्रम का समापन सामूहिक सहभोज (भंडारा) के साथ संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों भाइयों बहनों ने प्रसाद ग्रहण किया।