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बुरे फंसे सहायक सूचना निदेशक प्रभाकर तिवारी ने किया था आचार संहिता का उल्लंघन

– आचार संहिता में भाजपा पदाधिकारियों से मांगे थे सुझाव
– पीएम की जनसभा में प्रेस पास को लेकर मांगा था सुझाव
– सरकारी सेवक आचरण नियमवाली 1956 का किया उल्लंघन
कबीर बस्ती न्यूज:
बस्ती। जिले के सहायक सूचना निदेशक प्रभाकर तिवारी ने आचार संहिता का मखौल उड़ा दिया है। इसके साथ ही उन्होने सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 का भी उल्लंघन किया है। इस रहस्य से पर्दा एक शिकायती पत्र पर सहायक सूचना निदेशक की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण में हुआ है, जो कि बेहद ही चौकाने वाला है।
दरअसल हुआ यूं कि विधानसभा चुनाव 2022 की तिथि घोषित हो चुकी थी, जिले में तीन मार्च को मतदान था, 27 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की पॉलिटेक्निक में जनसभा आयोजित थी। जिसके लिए सहायक सूचना निदेशक की ओर से प्रेस पास जारी किया जा रहा था, न्यूज पोर्टल व साप्ताहिक समाचार पत्रों के संवाददाताओं को जब प्रेस पास नहीं जारी किया गया, तो कुछ ने इसकी शिकायती उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देकर की, शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक जा पहुंची। जिसके बाद सहायक सूचना निदेशक से जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा, जिसका जवाब उन्होने लिखित में दिया।
आचार संहिता में भाजपा पदाधिकारियों से मांगे थे सुझाव
– जिला निर्वाचन अधिकारी को दिए स्पष्टीकरण में सहायक सूचना निदेशक प्रभाकर तिवारी ने लिखा है कि भाजपा पदाधिकारियों के सुझाव व उच्चाधिकारियों के आदेश पर न्यूज पोर्टल व साप्ताहिक समाचार पत्रों के संवाददाताओं को प्रेस पास नहीं जारी किया गया। हैरान करने वाली बात तो यह है कि जब आचार संहिता लगी हुई थी, तो प्रेस पास को लेकर बीजेपी पदाधिकारियों से सुझाव मांगना कितना जायज है। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि सहायक सूचना निदेशक ने आचार संहिता का पूरी तरह से उल्लंघन किया है।
सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 का किया उल्लंघन
– यदि सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 की बात करें, तो सहायक सूचना निदेशक प्रभाकर तिवारी ने इसका भी उल्लंघन किया है। नियमावली के नियम पांच पर यदि नजर दौड़ाएं तो इसमें स्पष्ट लिखा है कि कोई सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल या किसी ऐसी संस्था का जो राजनीति में हिस्सा लेती है, सदस्य न होगा और न अन्यथा उससे संबंध रखेगा और न वह किसी ऐसे आंदोलन या संस्था में हिस्सा लेगा और न उसके सहायतार्थ चंदा देगा या किसी अन्य रीति से उसकी मदद करेगा। ऐसे में यह भी स्पष्ट हो गया है कि सहायक सूचना निदेशक ने सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 का भी उल्लंघन किया है।