बिना निर्माण के 3,56,667 रूपया घोंट गये सेक्रेटरी व ग्राम प्रधान

मुख्य विकास अधिकारी पर दोषियों को बचाने व संरक्षण देने का आरोप

मिथ्या है आवेदक का आरोप,प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित होने पर सेक्रेटरी किया गया था सस्पेंड, डीसी एन,आर.एल.एम. कर रहे हैं जांच, रिर्पोट आते ही होगी अग्रिम कार्यवाही- सीडीओ

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।

गौर विकास खण्ड के मिरवापुर ग्राम पंचायत में सरकारी स्कूल की बाउण्ड्री बनवाये बगैर सेक्रेटरी, ग्राम प्रधान एवं तकनीकी सहायक की मिलीभगत से किये गये 3,56,667 रूपया गबन मामले में आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही करने की बजाय सीडीओ उन्हे बचाने में लगे हैं। गांव निवासी एवं प्रधान प्रतिनिधि काशीराम पुत्र महादेव ने जिलाधिकारी व सीडीओ को शिकायती पत्र देकर अविलम्ब कार्यवाही की मांग किया है।

इससे पूर्व भी दो बार मिलकर ग्रामीणों ने सीडीओ से कार्यवाही की मांग किया था लेकिन वे सेक्रेटरी को निलंबित कर पूरे मामले को रफादफा करना चाहते हैं। काशीराम ने कहा वित्तीय वर्ष 2020-21 से स्कूल की बाउण्ड्री वाल बनवाने के मद का धन सितम्बर 2020 में निकाल लिया और जून 2021 तक काम नही कराया। नये प्रधान ने ग्राम पंचायत में कराये गये निर्माण कार्यों का सत्यापन करना शुरू किया तब तब ये घोटाला सामने आया। उच्चाधिकारियों से की गयी शिकायत के बाद कानूनी कार्यवाही से बचने के लिये पूर्व ग्राम प्रधान राजमणि पाण्डेय ने गुण्डई के बल पर स्कूल की बाउण्ड्री बनवाना शुरू कर दिया जिसकी शिकायत सीडीओ से की गयी, नतीजा सिफर रहा।

परस्पर विरोधी बयानों में फसते सीडीओ ने अंततः सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। उन्होने प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ एफआईआर और धन की रिकवरी करवाने की बात कही थी। लेकिन आगे की कार्यवाही उन्होने लंबित रखा है। आज फिर फिर शिकायतकर्ता काशीराम ग्रामीणों के साथ सीडीओ से मिलने गये। सीडीओ ने कहा आप भी प्रधान हैं आपसे भी गलती होगी। पूर्व प्रधान ब्राह्मण है उसका विरोध क्यों कर रहे हो। सीडीओ की इस प्रकार की बातों ग्रामीण आहत हुये और कहा 10 दिनों के भीतर सीडीओ उचित व न्यासंगत कार्यवाही नही करेंगे तो प्रकरण को मुख्यमंत्री के सज्ञान में लाया जायेगा। सीडीओ से मिलने वालों में अनिरूद्ध पाण्डेय, कमलेश कुमार, शैलेष कुमार, गंगा प्रसाद, अश्वनी पाण्डेय, रामप्रसाद पाण्डेय, अमरनाथ मौर्या आदि मौजूद थे।
इस सम्बन्ध मे मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि उक्त प्रकरण मे प्रथम दृष्टया ओराप प्रमाणित होने पर सिक्रेटरी को निलम्बित कर दिया गया था और सम्पूर्ण मामले की जांच डीसी एन,आर.एल.एम. को सौंपी गयी है। जांच रिर्पोट प्राप्त होते ही मामले मे अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। उन्होेने कहा कि आवेदक का आरोप कि दोषयों को बचाया जा रहा है, वह बेबुनियाद और गलत है।

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