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बिना शहनाई की धुन और न मंगल गीत के सादगी से होगी दुल्हन की विदाई

नेबुआ-नौरंगिया गांव की हृदय विदारक घटना

कबीर बस्ती न्यूजः

कुशीनगर: नेबुआ-नौरंगिया गांव में हर तरफ चीख-पुकार मची हुई है। हर चेहरे पर सिर्फ आंसू दिखाई दे रहे हैं। जिस घर से आज बारात जानी थी, वहां 13 शवों को रखकर सभी की निगाहें उन्हीं को निहार रही हैं। किसी की मां हल्दी रस्म के दौरान कुएं में समा गई तो किसी की बेटी। वहीं दूल्हे के घर में भी मातम पसरा है। आज धूम-धाम से घर से बारात जानी थी, लेकिन बुधवार देर रात हुए हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल लिया। ढोल, बाजा, गाड़ी सभी की बुकिंग को कैंसिल कर दिया गया है।

केवल दूल्हा अमित बारात लेकर दुल्हन सीमा के घर जाएगा। सादे रस्म रिवाजों के साथ में विवाह कार्य संपन्न होगा। दुल्हन के घर में भी न शहनाई की धुन सुनाई देगी न ही मंगल गीत गाए जाएंगे। विदाई भी सादगी से ही होगी।

महराजगंज जिले में जानी थी बारात

बता दें, गांव निवासी परमेश्वर कुशवाहा के बेटे अमित की बारात आज महराजगंज जिले में जानी थी। अमित ने शादी तय होने के बाद डीजे, बैंड बाजा और 14 बोलेरो की बुकिंग कर ली थी। बीते 14 फरवरी को अमित की ससुराल वाले तिलक चढ़ाने आए थे। सभी खुशी-खुशी तिलक चढ़ाकर वापस चले गए थे। तिलक के दूसरे दिन से ही बारात जाने की तैयारी शुरू हो गई थी। परमेश्वर के घर की महिलाएं सभी रस्म अदायगी करने में लगी थीं। शादी का घर होने के कारण प्रतिदिन रात में घर में नाचा-गाना का कार्यक्रम होता था।