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16 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

मांगे न मानी गई तो और तेज होगा आन्दोलन- उदयशंकर शुक्ल

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

गुरूवार को संयुक्त संघर्ष संचालन समिति उ.प्र. के प्रदेश व्यापी आवाहन पर शिक्षकांें, कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन नीति बहाली के साथ ही 16 सूत्रीय मांगों को लेकर अध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल के नेतृत्व में  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। धरने के बाद पद यात्रा करते हुये जुलूस निकालकर शिक्षक, कर्मचारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सभा के बाद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी रूधौली को सौंपा।
ज्ञापन देते हुये उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि देश में सांसद, विधायकों को पेंशन प्राप्त है किन्तु अपना पूरा जीवन खपा देने वाले अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नीति से वंचित रखा गया है। वे दिहाड़ी मजदूरों की तरह सेवायें दे रहे हैं, उनसे उनके बुढापे की लाठी छीन ली गई है, जब तक पुरानी पेंशन नीति लागू नहीं हो जाती चरणबद्ध ढंग से आन्दोलन जारी रहेगा। बताया कि आगामी 5 दिसम्बर को राजधानी लखनऊ में समिति की ओर से महासम्मेलन आयोजित किया गया है जिसमें आन्दोलन की रणनीति तय की जायेगी।
भेजे ज्ञापन में पुरानी पेंशन नीति बहाली, समाप्त किये गये विभिन्न भत्तों को बहाल करने, 17140, 18150 लागू किये जाने, शिक्षा मित्रों को नियमावली में संसोधन कर शिक्षक पद पर समायोजित करने, आंगनवाडी, लिपिक, होमगार्ड, पीआरडी जवान, ग्राम रोजगार सेवक, मुख्य सेविका, आशा बहू, एएनएम, रसोईया, आश्रम पद्धति एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयोें के शिक्षकों एवं कर्मियों, विशेष शिक्षकों तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कर्मियों को विनयमित किये जाने, कैशलेश चिकित्सा प्रणाली लागू करने, पंचायतीराज विभाग के सफाई कर्मियों की विभागीय नियमावली बनाकर प्रोन्नति के अवसर देते हुये उन्हें ग्राम प्रधान के नियंत्रण से मुक्त किये जाने, बेसिक शिक्षा परिषद के चतुर्थ श्रेणी मृतक आश्रित कर्मियों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर लिपिक पद पर उच्चीकरण करने, सभी कर्मियों को 300 दिवस के अर्जित अवकाश का नकदीकरण दिये जाने, कोरोना काल में मृतक शिक्षक, कर्मचारी,      अधिकारी को डियूटी के दौरान निधन होने पर 50 लाख रूपये की अनुग्रह राशि एवं गेज्युटी तथा मृतक आश्रित नौकरी दिये जाने, खण्ड शिक्षा अधिकारी की 22 वर्षो से पदोन्नति नहीं हुई है, डीपीसी कर प्रोन्नित किये जाने, कनिष्ठ सहायक का ग्रेड पे 2400, प्रशासनिक अधिकारी का ग्रेड पे 4800 एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का ग्रेड पे 5400 किये जाने, लोक निर्माण विभाग के मेटो की तरह सिंचाई विभाग के मेटो को भी 1900 ग्रेड पे दिये जाने, 18 महीने के अवशेष मंहगाई भत्ते का मंहगाई भुगतान किये जाने एवं समस्त संवर्गो के लिये ग्रेड पे 4600 समाप्त कर ग्रेड पे 4800 में संविलीन किये जाने आदि की मांग शामिल है।
धरना एवं ज्ञापन देने वालों में नरेन्द्रदेव मिश्र, रामनाथ, शिवशंकर कुमार, महेन्द्र चौहान, चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, राजेश कुमार, राघवेन्द्र सिंह, अभय सिंह यादव, आनन्द दूबे, विश्वम्भरनाथ शर्मा, विजय प्रकाश चौधरी, मनीष कुमार, शैल शुक्ल, महेश कुमार, दिवाकर सिंह, चन्द्रभान चौरसिया, बब्बन पाण्डेय, रामभरत वर्मा, इन्द्रसेन मिश्र, देवेन्द्र वर्मा, सरिता पाण्डेय, रीता शुक्ला, त्रिलोकीनाथ, अरूणदेव शुक्ल, सोमईराम, रक्षाराम वर्मा, राम सहाय, सूर्य प्रकाश, अभिषेक उपाध्याय, फैजान अहमद, सूर्य प्रकाश शुक्ल, श्याम गिरी, अखिलानन्द यादव, कृष्ण कुमार, विनोद यादव, ओम प्रकाश पाण्डेय, ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, गुड्डू चौधरी, संजीव शर्मा, राम पराग चौधरी, राघवेन्द्र उपाध्याय, प्रदीप दूबे, योगेश्वर शुक्ल, स्कन्द मिश्र, विशाल शुक्ल, सन्तोष शुक्ल, चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ कमलेश कुमारी वर्मा, सुशीला त्रिपाठी, रमा पाण्डेय, शालिनी, पूजा गुप्ता, राधिका, यशस्वी सिंह, साक्षी सिंह, महारानी लाल कुंवरि, पूजा सिंह, स्वाती दूबे, अंकिता सिंह, हिना कौसर के साथ ही अनेक कर्मचारी, राधेश्याम त्रिपाठी, नरेन्द्र दूबे, सुनील पाण्डेय, शोभाराम वर्मा के साथ ही शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।

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