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कानपुर: इत्र कारोबारी पीयूष जैन की मुसीबतें बढीं, सोना तस्करी के आरोप मे दर्ज हुआ एक और मुकदमा

कबीर बस्ती न्यूजः

कानपुर: कानूनी मामले मे बुरे तरह फंस चुके इत्र कारोबारी पीयूष जैन की मुसीबतें कम होने का नाम नही ले रही हैं। विदेशी सोना बरामदगी के मामले में भी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) लखनऊ की टीम ने पीयूष को सोना तस्करी का आरोपी मानते हुए उस पर कस्टम एक्ट का भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

बुधवार को प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर पीयूष को 14 दिन न्यायिक हिरासत में रखने के लिए रिमांड मांगा गया। कोर्ट ने 29 मार्च तक के लिए रिमांड मंजूर कर लिया है।

डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) अहमदाबाद की टीम द्वारा इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज स्थित घर में दिसंबर माह में छापेमारी की गई थी।  इस दौरान 196.57 करोड़ की नगदी के साथ ही 23 किलो सोना भी बरामद हुआ था। इन पर विदेशी मुहर लगी होने पर डीआरआई को जानकारी दी गई थी। 27 दिसंबर को यह सोना जांच के लिए डीआरआई के सुपुर्द कर दिया गया था।
कोर्ट की अनुमति लेकर डीआरआई की टीम ने जेल जाकर पीयूष से पूछताछ की थी। लेकिन पीयूष सोने की खरीद संबंधी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका था। उसने नगद रुपयों से सोना खरीदने की बात कही थी।

डीआरआई ने माना कि यह सोना पीयूष तस्करी के जरिये विदेश से भारत लाया है। कस्टम एक्ट के तहत सोने को सीज कर दिया गया और पीयूष को सोना तस्करी का आरोपी माना गया है। विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने बताया कि मामले के विवेचक बद्रीश राय की ओर से कोर्ट में रिमांड अर्जी दी गई थी। पीयूष पर जो आरोप लगे हैं उसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है।