Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

मजदूर दिवस पर शहीद वेदी बनाकर याद किये गये शिकागो के अमर शहीद

श्रमिकों को खुद ढूढने होंगे शोषण से मुक्ति के रास्ते- का. अशर्फीलाल

कबीर बस्ती न्यूज:

बस्ती । विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर रविवार को उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ एटक द्वारा हाईडिल कालोनी स्थित यूनियन भवन पर अध्यक्ष का. अशर्फीलाल के संयोजन में गोष्ठी का आयोजन किया गया। शहीद वेदी बनाकर शिकागो के अमर शहीदों को याद करते हुये वक्ताओं ने कहा कि भारत सहित विश्व स्तर पर मजदूर लगातार मजबूर होता जा रहा है।
का. अशर्फीलाल ने कहा कि काम के 8 घंटे तय किये जाने को लेकर अमेरिका से जो संघर्ष शुरू हुआ वह सिलसिला अभी तक जारी है। कहा कि जिस दिन देश के मजदूर शिकागो के अमर शहीदों के बलिदान को आत्मसात कर लेंगे दुनियां से मजदूरों पर होने वाले जुल्म, अत्याचार समाप्त होने लगेगा।
सीटू नेता का. के.के. तिवारी ने दुनियां में आ रहे बदलाव, पंूंजीपतियों द्वारा शोषण, श्रमिक कानूनों पर विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि भारत के श्रमिक सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं।  कोरोना काल ने संकट और बढा दिये है। ऐसे में एकजुटता से ही श्रमिकों की समस्या का समुचित हल हो सकेगा। का. सूर्यदेव सिंह, रमेश सिंह, अनिल सिंह, रामलौट, रणविजय सिंह, अमित मिश्र, धर्मध्वज सिंह, राम प्रसाद आर्य, रामगनी चौधरी, राधापति पाठक आदि ने कहा कि जब तक श्रमिक वर्ग आपस में बिखरा रहेगा समस्याओं का हल निकलना संभव नहीं है। आज सबसे बड़ी जरूरत एकजुटता को मजबूत करने की है।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये का. कंवलजीत कौर ने कहा कि कोरोना संकट काल के बाद श्रमिकों की स्थितियां विकट हो गई। लाखों की संख्या में लोगों की नौकरियां चली गई। सरकार और मालिकानों की भूमिका श्रमिकों के प्रति संकटकाल में संवेदनहीन ही बनी रही। नये श्रम कानूनों ने श्रमिकों का संकट बढा दिया है। संविदा की नौकरियां युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ है। इसे बंद किया जाना चाहिये। इस अवसर पर का. अशर्फीलाल केे निरन्तर सक्रियता को देखते हुये उन्हें अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से गजेन्द्र श्रीवास्तव, रामकुमार मौर्य, कृष्णा चौधरी, रमेश चौधरी, लालता प्रसाद, अरूण राज, रमेश मिश्र के साथ ही विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, श्रमिक उपस्थित रहे।