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डीआरएमएस हास्पिटल अब जिला प्रशासन को दे रहा है चुनौती  मरीजों से कर रहा है छल

फर्जी गतिविधियों के कारण ही डीआरएमएस हास्पिटल एक बार सील तथा दो बार पंजीकरण हो चुका निरस्त

निरीह मरीज के मौत का इन्तजार कर रहा है स्वास्थ्य प्रशासन

अनाधिकृत रूप से बाहरी डाक्टरों का बोर्ड लगा कर अस्पताल चलाना गैर कानूनी- सीएमओ

कबीर बस्ती न्यूज।

बस्ती। मालवीया रोड बैरियहवां मे स्थित डीआरएमएस हास्पिटल अब स्वास्थ्य विभाग प्रशासन को ही नही बल्कि जिला प्रशासन को अपने फर्जी गतिविधियों से चुनौती देने मे बाज नही आ रहा है। इन्हीं फर्जी गतिविधियों के कारण ही डीआरएमएस हास्पिटल एक बार सील तथा दो बार इसका पंजीकरण निरस्त हो चुका है। इस हास्पिटल का हाल यह है कि टूक-टूक उड जायेंगें मगर हम नही सुधरेंगे। इसी परिपाटी पर अस्पताल का संचालन हो रहा है और स्वास्थ्य प्रशासन किसी निरीह मरीज के मौत का इन्तजार कर रहा है। वर्तमान समय मे डीआरएमएस हास्पिटल पर चार ऐसे डाक्टरों के नाम का बोर्ड लगा कर मरीजों से छल किया जा रहा है वे डाक्टर जिले के नही बल्कि दिल्ली जैसे बडे महानगरों मे अपनी सेवाऐं दे रहे है। उन विकित्सकों मे डा0 वी0पी0 सिंह, डा0 आशीष तोमर, डा0 अतिन जायसवाल तथा डा0 टी0पी0 सिंह के नाम का उल्लेख किया गया है। यह चिकित्सक सीएमओ कार्यालय बस्ती मे पंजीकृत भी नही है और आम जनता मे उनके नामों का प्रचार-प्रसार कर आने वाले मरीजों का जबरदस्त धनादोहन किया जा रहा है। डीआरएमएस हास्पिटल के संचालक इस कृत्य से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सांप सूध गया है। अब स्वास्थ्य महकमा ऐसे हास्पिटल संचालक पर पुनः कार्रवाई करने की हिम्मत नही जुटा पा रहे है और नतमस्तक हो चुके हैं।

बताते चलें कि मालवीया रोड बैरियहवां मे स्थित डीआरएमएस हास्पिटल अपने अनेक प्रकार के आपराधिक एवं फर्जी गतिविधियों को लेकर गत दिनों चर्चा मे आया। उस समय अस्पताल संचालक ड0 प्रमोद कुमार जो एक प्लेन एमबीबीएस था वह ब्रेन एवं न्यूरो का एमडी बन कर निरीह मरीजों को ठगने का काम करता था। इसके लिए अस्पताल के बाहर बाकायदा बोर्ड भी लगा रखा था। जिससे काफी मरीज उसके जाल मे फंस जाते थे। इा घटना की शिकायत सिकटा निवासी चित्रसेन पाण्डेय ने डीएम से किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीएम मामले की जांच सीआरओ को सौंपी। सीआरओ के जांच मे यह प्रमाणित हुआ कि फर्जी तरीके से ब्रेन एवं न्यूरो का एमडी बनकर अस्पताल संचालक डा0 प्रमोद कुमार द्वारा मरीजों के साथ छल किया जा रहा है। जिसे देखते हुए मुख्य राजस्व अधिकारी के निर्देश पर डीआरएमएस हास्पिटल सील कर दिया गया। एक सप्ताह बाद ड0 प्रमोद के लिखित माफी मांगने के बाद अस्पताल का ताला खुला। डा0 प्रमोद कुमार अब फिर धंधे मे लग कर आम जनता को धोखा देने का कार्य करने लगा है।

इस सम्बध मे पूछने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आ0पी0 मिश्र ने कहा कि अनाधिकृत रूप से बाहरी डाक्टरों का बोर्ड लगा कर अस्पताल चलाना गैर कानूनी है। जांच करायी जा रही है। दोषी पाये जाने पर संचालक को बख्शा नही जायेगा।