Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश जब डाक्टर ही बन जाये लुटेरा फिर कैसे हो मरीजों का उचित इलाज, 6 दिन मे जांच के नाम पर वसूले 45 हजार पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कहीं और संचालित हो रहा है कहीं और स्वास्थ्य माफियाओं को बचाने उतरा स्वास्थ्य वि... न पंजीकरण न टेक्नीशियन फिर भी विभागीय संरक्षण मे हो रहा डिजिटल एक्स-रे और ईसीजी, लूटे जा रहे निरीह म... पीसीपीएनडीटी का पंजीकरण कहीं और अल्ट्रासाउंड सेन्टर संचालित हो रहा है कहीं और, जिम्मेदार गंभीर मामलो... हीमोडायलसिस यूनिट कैली मे मरीजों के जान से हो रहा है खिलवाड, प्रशासन कुम्भकर्णी नींद मे समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारीः आनन्दीबेन पटेल

मुंडेरवा पुलिस का कारनामा : गंभीर रूप से घायल महिलाओं के विरुद्ध दबंगों के दबाव में दर्ज कर दिया मुकदमा

मुंडवा थाने में योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस की नीति की ऐसी की तैसी
दबंग माफियाओं के विरुद्ध कुछ सुनने को तैयार नहीं इस्पेक्टर मुंडेरवा अरविन्द कुमार शाही
घूसखोरी के खेल मे सिसक रहा है न्याय, मुण्डेरवा पुलिस की काली करतूत का दंश झेल रहे हैं पीडित

कबीर बस्ती न्यूज।

बस्ती: एक तरफ जहां प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य करने का बार-बार निर्देश अपने अधिकारियों को दे रही है वही जिले की मुंडेरवा पुलिस सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति पर खौलता हुआ पानी डालने का काम कर रही है । मुंडेरवा पुलिस पीड़ितों की आवाज सुनने के बजाय माफियाओं और दबंगों और गुंडों के प्रभाव में कार्य करने पर विवश है जहां दबंगों के मारपीट से घायल आधा दर्जन से अधिक महिलाएं अपनी फरियाद लेकर पुलिस कप्तान के दरबार में गुहार लगा रही हैं प्रभारी निरीक्षक मुंडेरवा अरविन्द कुमार शाही की काली करतूत का बयान यसपी से करते हुए पीड़ित महिलाओं ने घटना का मुकदमा दबंगों के विरुद्ध दर्ज करने की मांग की है । अब देखना यह है की इन गंभीर रूप से घायल महिलाओं को न्याय मिल पाता है या नहीं यह तो वक्त बताएगा ! लेकिन इतना तो तय है की मुंडेरवा पुलिस जैसे दबंगों माफियाओं गुंडों से गहरा नाता रखती है! जिसका ताजा उदाहरण यह है कि पुलिस ने दबंग के तहरीर पर उल्टा पीड़ित महिलाओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है। इधर अब चौतरफा गंभीर आरोपों से धिर चुकी मुंडेरवा पुलिस अब घायल महिलाओं पर तहरीर बदलने का लगातार दबाव बना रही है।

मुंडेरवा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर नट बाग निवासी शबाना खातून पुत्री इसराफेल बुधवार को पुलिस कप्तान के दरबार में हाजिरी लगाते हुए उन्हें अपनी व्यथा सुनाई और बताया कि उनके गांव के 1 दर्जन से अधिक दबंगों ने एक राय होकर उनके परिवार की पांच से महिलाएं तथा कुछ पुरुषों को 2 अप्रैल को मारपीट कर मरणासन्न कर दिया है शबाना और उनके परिवार की अन्य महिलाओं ने शरीर पर मौजूद गंभीर चोटों को भी पुलिस कप्तान को दिखाया और उनसे उन दबंगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की फरियाद की। पीड़ित महिला ने बताया कि उन दबंगों ने उनको तथा उनके पूरे परिवार का जीना हराम कर दिया है घर की बच्चियां उनके भय और दहशत के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं बताया कि उन दबंगों को  मुंडेरवा पुलिस का संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण मेरे परिवार के साथ आए दिन गंभीर घटनाएं हो रही हैं! पीड़ित महिला ने बताया कि पुलिस ने दबंगों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की तो किसी भी समय उनके परिवार की हत्या हो सकती है । पीड़ित ने बताया कि जिन दबंगों ने मेरे व मेरे परिवार पर कहर ढाया उसी दबंग के फर्जी तहरीर पर मेरे व मेरे परिवार के विरुद्ध मुंडेरवा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है । पीड़ित महिला शबाना ने उच्चाधिकारियों से मांग किया है कि उनके चोटों का मुआयना करा कर दबंगों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किया जाए।
क्षेत्रीयजनों का कहना है कि जिले का मुण्डेरवा थाना इस समय माफियाओं दबंगों एवं अपराधियों की संरक्षणदाता का रोल निभा रही है। थाना क्षेत्र की ऐसी अनेकों गंभीर घटनाएं हैं जिसे प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार शाही मनमाना धनउगाही कर मामले को चट कर गये। प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार शाही के कार्यशैली से क्षेत्र की आम जनता काफी रोष देखा जा रहा है।