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अस्पताल मे झांकने नही जाते हैं डाक्टर, हराम का उठाते हैं एक लाख रूपया महीना

– कागजों में तैनात में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक नहीं आते हैं कभी भी अस्पताल

कबीर बस्ती न्यूज।

बस्ती। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुधौली क्षेत्र के अंतर्गत पढ़ने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुगरहा सन 2009 में निर्माण किया गया था निर्माण इसलिए किया गया था कि ग्रामीण आंचल गर्भवती महिलाएं या फिर असहाय व्यक्ति जो दूर दराज जाकर के दवा दर्पण नहीं कर सकते हैं। उनके लिए सरकार के द्वारा या हॉस्पिटल खोला गया था। लेकिन सरकार की मनसा पर रुधौली के अधीक्षक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक अनिल कुमार मौर्य के द्वारा पानी फेर जा रहा है ।सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग के मंत्री जनपद वार जाकर के अस्पतालों का निरीक्षण करते हैं और बार-बार सभी डॉक्टरों को हिदायत भी देते हैं कि आप सभी लोग अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर समय से पहुंच कर मरीज का उपचार करें। लेकिन डॉक्टर तो तैनात कर दिए जा रहे हैं। कागजों में मौके पर अस्पताल आने के लिए कोई नहीं हो रहा है। तैयार आपको बता दे की जब टीम द्वारा अस्पताल का पड़ताल किया गया तो पता चला कि सिर्फ वार्ड बॉय अस्पताल में कार्य करते हुए मिला वार्ड बॉय से जब हमारी बात हुई तो उसने बताया कि डॉक्टर साहब रुधौली में सरकारी अस्पताल में बैठते हैं ।यहां पर कभी कभार आते हैं और अस्पताल से सटा गांव कपिया कला के मूल निवासियों से पूछा गया तो पता चला कि डॉक्टर साहब यहां पर कभी भी नहीं आते हैं और ना ही कभी लोगों का उपचार किया है।यहां तक कि हम लोग अभी तक डॉक्टर साहब का चेहरा भी नहीं देखे हैं ।जिससे मरीजों को काफी दिक्कत होती है। उन्हें मजबूर होकर के रुधौली के प्राइवेट अस्पतालों में या सरकारी अस्पतालों में जाकर के दवा करना पड़ता है। जिससे मरीजों का भारी भरकम पैसा भी लगता है। इस मामले में जानकारी लेने के लिए जब बस्ती जनपद के सीएमओ को फोन किया गया तो उनका फोन नहीं रिसीव हुआ जब उनका फोन रिसीव होगा तब उनका भी पक्ष लिख दिया जाएगा।