ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा

– सीओ सदर और एडिशनल एसपी का आदेश नही मानते बडे साहब

– घटना का वीडियों वायरल फिर भी अपराधियों को बचाने मे पूरी ताकत से लगी है पुरानी बस्ती पुलिस

– घटना 03 जून का, दो आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस ने 05 जून का किया था शान्तिभंग मे चालान

– नशेडीें व अपराधी यात्रियों से मारपीट कर करते हैं अवैध वसूली, पुलिस को देते हैं चढावा

                                  पूरा मामला रेलवे स्टेशन बस्ती का

रिर्पोट- रंजीत उपाध्याय

कबीर बस्ती न्यूज

बस्ती। बस्ती के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से मार पीटकर अवैध वसूली करने वाले नशेडियों व अपराधियों पर पुरानी बस्ती पुलिस एवं जीआरपी पुलिस मेहरबान है। स्टेशन पर अपराध चाहे जितना बढ जाए इससे पुलिस को काई फर्क नही पडता। बस वसूली के हिस्से मे कमी नही आनी चाहिए। पुलिस और नशेडियों का यह गलबहियां कोई नया नही बल्कि पुरानी व्यवस्था है। योगी सरकार की जीरो टेलरेंश नीति की सर्वनाश करने वाली पुलिस अब आम जनता की रक्षक नही बल्कि अपराधियों की संरक्षणदाता बन चुकी है। यह प्रकरण सभी उच्चाधिकारियों के संज्ञान मे होने के बाद भी पुलिस और अपराधियों की दोस्ती मे कोई कमी नही आ रही है। क्योंकि लाखों के अवैध वसूली का हिस्सेदार पुरानी बस्ती पुलिस भी बताई जा रही है।
बताते चलें कि गत 03 जून 2026 को रेलवे स्टेशन पर नजायज तरीके से यात्रियों से वसूली होने शिकायत पर एक वरिष्ठ पत्रकार मौके पर हकीकत जानने पहुंचे जहां उन्हें नशेडियों और अपराधियों के द्वारा सच्चाई को दबाने के नियत से बुरी तरह अपमानित किया गया। जिसका वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वरिष्ठ पत्रकार ने घटना के सम्बन्ध मे पुरानी बस्ती पुलिस को तहरीर दिया लेकिन पुरानी बस्ती पुलिस ने कोई निरोधात्मक कार्यवाही नही किया। हां केवल दो आरोपियों को शान्तिभंग मे चालान कर नशेडियों और चिन्हित अपराधियों को बचा ले गयी। वरिष्ठ पत्रकार ने सीओ सदर और अपर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की लेकिन एक माह से अधिक बीत चुका है पुलिस नशेडियों और चिन्हित अपराधियों के विरूद्व मुकदमा दर्ज करने की हिम्मत नही जुटा पा रही है। यह जनता की रक्षा करने वाली पुलिस है या निजी लाभ प्राप्त करने के उद्वदेष्य से अपराधियों को संरक्षण देने वाली पुलिस। आम जनता इस पर स्वंय विचार करे। पुरानी बस्ती पुलिस ने हद तो तब पार कर दिया जब सीओ सदर और अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों विरूद्व मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। लेकिन पुरानी बस्ती थाने मे अधिकारियों का आदेश भी डस्टबिन के हवाले हो गया। जिले के पुलिसिंग का यह हाल है। यह तो प्रमाणित हो चुका है कि पुरानी बस्ती पुलिस रेलवे स्टेशन पर घटने वाली गंभीर आपराधिक घाटनाओं को दबाने और छिपाने मे कितनी माहिर है। अब देखना यह है कि पुलिस के आला अधिकारियों के आदेश को थाने के बडके वाले साहब मानेगे या उनके आदेश को रद्दी टोकरी मे डाल देंगे।