Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अयोध्या में बनेगा अनूठा मंदिरों का संग्रहालय, प्राचीन शैलियों के मंदिरों के बनाए जाएंगे कई मॉडल अंसल एपीआई के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने कसा शिकंजा, पुलिस कमिश्नर से अंसल के खिलाफ लखनऊ में दर्ज मु... कोटे के दूकान के आवंटन की मांगः डीएम को सौंपा ज्ञापन सदर विधायक महेन्द्र यादव ने मो. सलीम, शैलेन्द्र को बनाया प्रतिनिधि अदालत के आदेश के बाद भी नहीं मिला जमीन पर कब्जा, डीएम ने दिया कार्रवाई का निर्देश बच्चों के साथ ससुराल में शान्ती देवी ने शुरू किया धरना शासन के निर्देश पर हुआ परिषदीय स्कूलों की साफ—सफाई 01 जुलाई से 30 सितंबर तक संचालित किया जाएगा संभव अभियान,चिन्हित किये जायेंगे अतिकुपोषित बच्चे : सीडी... प्रतापगढ़: सिपाही संजय यादव की हत्या के मामले मे शामिल चार आरोपी पुलिस हिरासत में अलर्ट: प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 682 नए मामले

अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों और जनक नंदिनी ट्रस्ट से संबंध जमीन हड़पने वालों पर जल्द होगी बड़ी कार्रवाई

भाटापारा । क्षेत्र में अवैध रूप से बिकी और बेची जा रही जमीनों पर विभागीय जांच जारी है। अवैध प्लाटिंग करने वालों को नोटिस भेजने के बाद आगे कार्यवाही का इंतजार हो रहा है। दूसरी ओर जनक नंदिनी ट्रस्ट से संबंध जमीनों के मामले में राजस्व विभाग द्वारा सूची तैयार की जा रही है। तहसीलदार अग्रवाल ने बताया कि शासन से मार्गदर्शन मांगा गया था, जिससे कार्यवाही में समय लगा। वास्तव में 100 एकड़ से ज्यादा जमीनों का मामला है, और इनके बहुत टुकड़े अलग-अलग खातों में दर्ज है ।प्रत्येक खातों का मिलान कर पृथककरण कर सूची तैयार की जा रही है। पूरी सूची बनने के बाद आदेशानुसार कार्यवाही की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट की 100 एकड़ भूमि के दशकों में हुए सभी नामांतरण व पंजीयन रद्द कर शासनाधीन दर्ज करने के आदेश की चर्चाओं से, शहर में भूमि क्रय करने वाला बड़ा तबका परेशान है। 20 -30 वर्षों पूर्व जमीन खरीदने वाले भी दायरे में आने से हड़कंप की स्थिति है।
शहर में अभी भी धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग का काम जोरों से जारी है। नगर निवेश की नोटिस मिलने का प्लाटिंग करने वालों पर असर नहीं दिख रहा। प्लाट खरीदने वाले जरूर भ्रम व भय की स्थिति में है।पूर्व में भी सरकार की कार्यवाही कभी नोटिस से आगे नहीं बढ़ी इसलिए वर्तमान में भी जमीन के कारोबारी ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।

शासन के आदेशानुसार उक्त सभी भूखंड अब शासकीय भूमि के रूप में दर्ज होने हैं।बहुत ज्यादा नंबर होने की वजह से सूचीबद्ध करने में समय लग रहा है।

तहसीलदार, भाटापारा

विभाग द्वारा सभी अवैध कॉलोनाइजर को नोटिस भेजी गई है, और विवेचना कर शीघ्र अगली कार्रवाई होगी

नगर निवेश, अधिकारी