Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
100 करोड़ कोविड टीकाकरण में जिले ने दिया 8.55 लाख का योगदान 28 अक्टूबर से 4 नवंबर तक किया जाएगा दीपावली मेला का आयोजन पौराणिक कूओ का जीर्णोद्धार एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुरुआत ई-प्राजीक्यूशन पोर्टल पर नियमित रूप से मुकदमों का विवरण अपलोड करने के निर्देश कांग्रेस की बैठक में बनी प्रियंका गांधी के रैली की रणनीति श्री रामलीला महोत्सव में धनुषयज्ञ व परशुराम लक्ष्मण संवाद की लीला का हुआ मंचन,श्रद्धालु हुए मंत्रमुग... डियूटी मे लापरवाही बरतने वाले 7 पुलिस कर्मियों पर गिरी निलम्बन की गाज, विभागीय जांच शुरू कोरोना से बचने के लिए शुरु हुई फेस्टिवल फोकस्ड सैम्पलिंग प्रत्येक ब्लाक में प्रतिदिन 05 हजार कोविड टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश अतिवृष्टि से खराब हुयी फसल की क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन कर सकते हैं...

नाराज ग्रामीणों ने सांड को मार डाला

लखनऊः यूपी की योगी सरकार छुट्टा जानवरों से जनता को निजात दिलाने के लिये अरबों रूपया खर्च कर रही है, लेकिन अफसरों में इच्छाशक्ति की कमी और कामचोरी के कारण समस्या से राहत नही मिल रही है। आये दिन लोग छुट्टा जानवरों के हमले से घायल हो रहे हैं या उन्हे जान गंवानी पड़ रही है। ताजा मामला उन्नाव का है।

यहां सिंघूपुर गांव में सांड ने महिला को पटक कर मौत के घाट उतार दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने घेरकर सांड को लाठी और भाले से मारकर उसे मौत मौत के घाट उतार दिया। ग्रामीणों ने गांव में स्थित प्राथमिक स्कूल में आवारा घूम रहे मवेशियों को भरकर हंगामा शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि रिहायशी इलाकों को छुट्टा जानवरों से मुक्त किया जाये। एएसपी और एसडीएम सदर ग्रामीणों को मनाने में लगे थे। सदर विधायक पंकज गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। डीएम रविंद्र कुमार ने 5 लाख आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है।

गांव के रहने वाले स्वर्गीय तेजपाल की पत्नी गुड्डी भोर में शौच के लिए घर से बाहर ही निकली थी कि वहां से गुजर रहे सांड ने हमला बोल दिया। गंभीर रूप से जख्मी होने कि वजह से गुड्डी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। उसके बाद ग्रामीण लाठी भाला धारदार हथियार लेकर वहां इकट्ठा हो गए। महिला पर हमला करने वाले सांड को घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने पीट-पीटकर सांड को मार डाला। प्रशासन ने मौके की नजाकत देखते हुए ग्रामीणों को शांत कराने के लिए तत्काल तीन कैटल वाहनों को मंगाकर मवेशियों को उसमें भरवाना चालू कर दिया है।गांव में जो अन्ना मवेशी हैं उन्हें वाहनों में भरकर अलग-अलग गौशालाओं में ले जाया जा रहा है। प्रतीकात्मक फोटो

Leave A Reply

Your email address will not be published.