Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 30 अप्रैल 2022 को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक मतदाता बनवाने की अपील कुंआनो आरती की तैयारियां तेज, पदाधिकारियों को सौंपा दायित्व डीएम ने जिले के सभी ग्राम प्रधानों से किया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में सहयोग की अपील सदर विधायक ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को सौंपा स्मार्ट फोन, खिले चेहरे भाजपा किसान मोर्चा ने  चौपाल लगाकर दिया जानकारी श्रीराम लीला के छठवें दिन माता कौशल्या संवाद, निषाद राज गुह से मिलन का जीवंत और अत्यन्त भावुक मंचन स्माइल ट्रेन ने जिले के 80 से ज्यादा बच्चों के चेहरे पर बिखेरी है मुस्कान अपनों पर सितम् गैरों पर रहम.................? सीएम के जीरो टेलरेंश नीति का सच .......तो क्या पैकोलिया पुलिस ने ढाई लाख मे कर दिया अर्धविक्षिप्त युवती के अस्मत् का सौदा ?

जयन्ती पर याद किये गये डॉ. राम मनोहर लोहिया

मानव स्थापना के पक्षधर समाजवादी थे लोहिया- महेन्द्रनाथ यादव

बस्ती – स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी, प्रखर चिन्तक समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया को उनके 111 वीं जयन्ती पर समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव के संयोजन मे आयोजित संगोष्ठी में मंगलवार को याद किया गया। उनके चित्र पर माल्यार्पण करते हुये वक्ताओं ने कहा कि डॉ. लोहिया ने विश्व-नागरिकता का सपना देखा था। वह मानव-मात्र को किसी देश का नहीं बल्कि विश्व का नागरिक मानते थे। जनता को वह जनतंत्र का निर्णायक मानते थे।
डॉ. लोहिया को नमन् करते हुये सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि वे मानव की स्थापना के पक्षधर समाजवादी थे। वह समाजवादी भी इस अर्थ में थे कि, समाज ही उनका कार्यक्षेत्र था और वह अपने कार्यक्षेत्र को जनमंगल की अनुभूतियों से महकाना चाहते थे। वे चाहते थे कि व्यक्ति-व्यक्ति के बीच कोई भेद, कोई दुराव और कोई दीवार न रहे। सब जन समान हो, सब जन का मंगल हो।
पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, रामललित चौधरी, जितेन्द्र कुमार उर्फ नन्दू चौधरी, राजेन्द्र चौधरी, समाजवादी चिन्तक चन्द्रभूषण मिश्र ने डा. लोहिया के जीवन वृत्त पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये कहा कि वे सदैव हिंदू मुस्लिम एकता पर बल दिया करते थे । उनका मानना था कि सरकार चाहे लड़ती रहे मगर हिंदू और मुसलमानों को एक हो जाना चाहिए डॉक्टर लोहिया ने न्याय उदारता और दृढ़ता से हिंदू मुसलमानों के विनाश के कारणों को ढूंढने तथा उनका समाधान करने की प्रेरणा दी । डॉ राम मनोहर लोहिया की दृष्टि में भारत को सुधारने और उसे प्रगति की राह पर लाने का एकमात्र रास्ता समाजवाद था उनके समाजवाद संबंधी विचारों का उल्लेख उनकी पुस्तकों भारत में समाजवाद समाजवाद की राजनीति समाजवाद की अर्थनीति समाजवाद के आर्थिक आधार समाजवादी सम्मेलन हुआ था।
गोष्ठी में मुख्य रूप से यज्ञेश पाण्डेय, समीर चौधरी, जावेद पिण्डारी, सुमन सिंह, इन्द्रावती शुक्ल, मो. सलीम, राजेन्द्र चौधरी, रन बहादुर यादव, मो. उमर, अरविन्द सोनकर, मो0 जावेद, अखिलेश यादव, गंगा यादव, इन्द्रजीत यादव, कविन्द्र उर्फ अतुल चौधरी, अंकित शुक्ल, विकास यादव, भोला पाण्डेय, जहीर अहमद, जर्सी यादव, शफीक अंसारी, युनूस आलम, मो. सलीम, युगुल किशोर चौधरी, विनय यादव, सुशील यादव, जितेन्द्र यादव, उपेन्द्र कन्नौजिया, शिवकुमार गुप्ता, राम सिंगार यादव, राहुल कुमार, साजिद अली, सद्दाम, सुरेन्द्र सिंह छोटे, राजेन्द्र चौरसिया, राजेन्द्र यादव, रजवन्त यादव, रामनाथ प्रजापति, मो. शाहिद, तूफानी यादव, प्रशान्त यादव, रजनीश यादव, राम उजागिर गौतम, गुलाब सोनकर, मो. स्वालेह, अमित यादव, घनश्याम यादव, वीरेन्द्र कुमार चौधरी के साथ ही सपा के अनेक नेता, कार्यकर्ता शामिल रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.