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जब एक बाप ही बन गया अपने नवजात् बेटे के मौत का सौदागर………..

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती। उ0प्र0।

…….हद हो गई….एक बाप ही अपने ही जिगर के टुकडे के मौत का सौदागर बन गया। यह खबर दर्द और टीस से भरी हुई है। इस कलयुग मे और क्या-क्या देखने और सुनने को मिलेगा। अगर वह पिता होता तो आपने नवजात् बेटे के हत्यारों को सजा दिलाकर मासूम के आत्मा को शान्ति अवश्य प्रदान कराता। लेकिन लाभ और लालच का प्यारा बाप 24 घण्टे के भीतर मासूम के मौत का सौदा एस.एस. मेडिकल सेंटर के प्रबन्धन से कर लिया। समाज मे ऐसे लोगों की सांेच किस प्रकार गिरती जा रही है कहना बहुत मुश्किल है।
शहर के कटेश्वर पार्क में संचालित हो रहे एस.एस. मेडिकल सेंटर का है जहां मेडिकल स्टाफ की लापरवाही के चलते मंगलवार को एक नवजात शिशु की मौत हो गई। जिसके बाद अस्पताल कर्मी सकते मे आ गये और बच्चे के परिजनों को उसके मौत का कारण भी न बता सके। पीडित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्या है मामला-
जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के साहूपार गांव निवासी आनन्द कुमार की पत्नी नीलम गौड प्रसव पीडा मे थी। जिसे लेकर आनन्द कुमार 19 जुलाई की आधी रात मे पत्नी को लेकर जिला महिला चिकित्सालय बस्ती पहुंचे। इस अस्पताल मे मेडिकल स्टाफ ने बताया कि बच्चा पेट मे उल्टा है मरीज को आप कैली या कहीं प्राईवेट अस्पताल मे ले जाईए। यहां ऐसी कोई व्यवस्था उपलब्ध नही है। जैसे ही आनन्द कुमार बाहर निकले उन्हें सूसीपार की आशा उर्मिला देवी मिल गयी। आशा ने मंगलवार को प्रातः समझा-बुझाकर महिला को लाकर एस.एस. मेडिकल सेंटर मे भर्ती करा दिया। यहां 12 हजार रूपये मे सुरक्षित नार्मल डिलीवरी करने का दावा किया गया। उस समय तक जच्चा व बच्चा सुरक्षित थे। उस समय पीडित आनन्द कुमार ने बताया था कि कुछ ही देर मे नार्मल डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ लेकिन उसकी रहस्यमय परिस्थितियों मे मौत हो गयी। अस्पताल प्रबन्धन कोई जबाब भी नही दे रहा है कि बच्चे की मौत क्यों और कैसे हुई ? घटना के दिन बच्चे के पिता आनन्द और उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था क्योंकि बच्चा स्वस्थ्य और साढे तीन किलों का था। बच्चे का शव दफन करने के बाद आनन्द परिवार सहित घर चलें गये।
सूत्र बताते हैं कि बच्चे का पिता 24 घण्टे के अन्दर एस.एस. मेडिकल सेंटर के प्रबन्धन से कुछ लाभ प्राप्त कर सुलह करते हुए कोई कार्यवाही न करने का रसीद देता है। अब यहां सवाल यह उठता है कि लोभी पिता के बिक जाने के बाद क्या बच्चे के मौत घटना तथा अपराध भी समाप्त हो जायेगा ?
बहरहाल इस घटना ने आम जनमानस को झोकझोर कर रख दिया है। हास्पिटल के कर्मियों ने परस्पर विरोधाभासी बयान दिये। लोगों से पूछने पर पता चला कि यहां रात्रि के समय कोई डाक्टर मौजूद नही रहते। दाईयों के भरोसे अस्पताल चल रहा है। जिससे ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं।