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पुण्य तिथि पर याद किये गये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  पं. राम उजागर शर्मा

96 वर्षीय सुदामा राय सम्मानित

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पं. राम उजागर शर्मा को उनके 48 वें पुण्य तिथि पर कलेक्टेªट परिसर में कोरोना संकट को देखते हुये सादगी के साथ याद किया गया। कार्यक्रम में 96 वर्षीय सुदामा राय को श्रीफल, अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।  मुख्य अतिथि डा. रामदल पाण्डेय  ने कहा कि देश को आजाद कराने के लिये पं. रामउजागर का बडा योगदान है। वे वाराणसी सेन्ट्रल जेल, इलाहाबाद और बस्ती के कारागार में 8 वर्षों तक  बंद रहे। इलाहाबाद जेल में उनकी मुलाकात प्रसिद्ध कवि मैथिलीशरण गुप्त से हुई और उनकी प्रेरणा से विद्रोही उप नाम से वे क्रान्तिकारी कवितायें लिखकर अंग्रेजी हुकूूमत  के खिलाफ बिगुल बजाते थे। ऐसे महान महापुरूषों को बार-बार याद करने की जरूरत है जिन्होने देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
वरिष्ठ कवि भद्रसेन सिंह बंधु, पं. चन्द्रबली मिश्र ने कहा कि उनके उपन्यास परिवर्तन और जागृति को इतनी लोकप्रियता मिली की अंग्रेजों ने परिवर्तन को जप्त कर लिया। रामदत्त जोशी, सत्येन्द्रनाथ मतवाला, बटुकनाथ शुक्ल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम उजागर के विभिन्न सन्दर्भों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि उन्होने जवाहरलाल कृषक इण्टर कालेज गौसपुर की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगाने के साथ ही समाजवादी भारत और संग्राम समाचार पत्रांे का सम्पादन किया।
आयोजक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम उजागर के पुत्र श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि चरी बजरी घोटाला काण्ड के समाचार प्रकाशन के कारण उनकी हत्या कर दी गई।  उनका जीवन संघर्ष सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
इसी क्रम में डॉ. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ के संचालन में आयोजित काव्य गोष्ठी में हरीश दरवेश, शाद अहमद ‘शाद’ शाहिद वस्तवी, डा. राजेन्द्र सिंह की कवितायेें सराही गई।
पं. राम उजागर शर्मा को नमन करने वालों में कृष्ण चन्द्र पाण्डेय, विकास शर्मा, मो. साइमन फारूकी, गणेश मौर्य, ओम प्रकाश धर द्विवेदी, राजेश मौर्य, दीनानाथ यादव, कृष्ण चन्द्र पाण्डेय, विनय कुमार श्रीवास्तव, श्रीकान्त त्रिपाठी आदि शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर वरिष्ठ साहित्यकार पूर्व प्रधानाचार्य डा. कमलेश पाण्डेय को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।