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जिला अस्पताल में लगाया गया मानसिक स्वास्थ्य शिविर

इलाज के लिए कैम्प में आए 80 मानसिक रोगी
– विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में हुआ आयोजन
कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में जिला अस्पताल परिसर में नि:शुल्क विशाल मानसिक स्वास्थ्य जन जागरूकता व उपचार शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। शिविर में 80 से ज्यादा मानसिक रोगियों ने अपना पंजीकरण कराया, जिन्हें परामर्श के साथ ही इलाज की भी सुविधा मिली । शिविर में क्षय रोग, कुष्ठ रोग, किशोर स्वास्थ्य, गैर संचारी रोग कार्यक्रम (एनसीडी) विभाग सहित अन्य विभागों की ओर से स्टॉल लगाया गया था । वहां आने वालों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गयी ।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, प्रमुख अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉक्टर आलोक वर्मा,सीएमओ डॉ. अनूप श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन, डॉ. सीएल कन्नौजिया, डॉ. एके गुप्ता, एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सी के वर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जीजीआईसी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
डॉ एएफ हुसैन द्वारा मानसिक अस्वस्थता के बारे में बताते हुए बताया,क्षमता से अधिक बड़ी-बड़ी बातें करना,नींद न आना, बीच में नींद का टूट जाना,उलझन, घबराहट, चिड़चिड़ापन रहना, अनावश्यक एवं अत्यधिक बातें करना,बेवजह शक करना, गुस्सा मारपीट करना,मिर्गी, बेहोशी जैसे दौरे का आना,एक ही कार्य बार-बार अनावश्यक  करना,
 उम्र के साथ-साथ याददाश्त की कमी होना,जीवन के प्रति निराश रहना एवं आत्महत्या के विचार आना,भूत, प्रेत, जिन्न आदि की छाया का भ्रम होना, बच्चों में बौद्धिक क्षमता में कमी होना आदि लक्षण दिखाई दे तो मनोचिकित्सक से परामर्श ले इसकी ओपीडी जिला चिकित्सालय में चलती है ।जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई के मनोरोग चिकित्सक डॉ. एके दूबे ने कहा कि वर्ष 1982 में केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य कार्यक्रमों में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को शामिल किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए 1996 में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वर्ष 2017 में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम लागू किया गया। अब हर व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का अधिकार है। हर व्यक्ति को गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि रोग को कभी छिपाएं नहीं तथा पौष्टिक आहार, व्यायाम व स्वस्थ वातावरण बनाकर मानसिक बीमारियों से बचा जा सकता है।
 मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम बस्ती के साइकेट्रिक सोशल वर्कर डॉ राकेश कुमार ने बताया विश्व मानसिक दिवस सप्ताह के रूप में 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है  डॉ राकेश कुमार मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्यकर्ता ने लोगों को बताया की आजकल के भागदौड़ भरी जिंदगी में तनावपूर्ण जीवन को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं जैसे नींद आना ,अत्यधिक नींद आना, उलझन, घबराहट, मिर्गी के दौरे आना, नशा करना, पढ़ाई में मन ना लगना ,सर में हमेशा दर्द बने रहना, अत्यधिक साफ सफाई करना, अत्यधिक पूजा पाठ करना ,आत्महत्या के विचार मन में आना एवं हिस्टीरिया  आदि लक्षण हो सकते हैं
इसको छुपाने की जरूरत नहीं इलाज कराने की जरूरत है इसका इलाज संभव है इसका इलाज जिला चिकित्सालय के मानसिक विभाग की ओपीडी कमरा नंबर  20 में सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को चलती है।महामारी ने दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित किया
गैर संचारी रोग के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद गौरव शुक्ला ने बतायकी विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हमें वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य चिंताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और नए सिरे से इसके समाधान के लिए अवसर प्रदान करता है.
COVID-19 के बाद मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी समस्या बन चुकी है. महामारी ने दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है. आज ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां अधिक काम करने की जरूरत है. हम सभी मानसिक स्वास्थ्य से कहीं न कहीं पीड़ित हैं. मानसिक स्वास्थ्य की वजह से लोगों में आत्महत्या करने की प्रवृत्ति धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है. आज डब्ल्यूएचओ का उद्देश्य उन लोगों के सपोर्ट को उजागर करना है जो अवसाद और आत्महत्या के विचार दोनों से पीड़ित हैं. अवसाद मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों में से एक है. बिना विकार वाले व्यक्ति की तुलना में अवसाद से पीड़ित व्यक्ति के आत्महत्या से मरने की संभावना बीस गुना अधिक हो जाती है.
गैर संचारी रोग कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य हेतु  सम्मानित
 डॉ. एफ हुसैन को कोविड प्रबंधन मे , डॉ. राकेश कुमार (साइकेट्रिक सोशल वर्कर) को मानसिक स्वास्थ्य , आनंद गौरव शुक्ला प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी को एनसीडी के समस्त कार्यक्रम में सहयोग हेतु एवं  जिला कार्यक्रम प्रबंधक राकेश पांडेय को एनएचएम के कार्यक्रमों में बेहतर प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. राकेश मणि त्रिपाठी, आनंद गौरव शुक्ला, विष्णु कुमार और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) फरजाना, सत्यम मिश्रा, सीमा सिंह किशोरी काउंसलर महिला चिकित्सालय, सुजीत कुमार ,अविनाश सिंह एवं निधि राव प्रमुख तौर पर मौजूद रहे l