Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
डीआरएमएस हास्पिटल अब जिला प्रशासन को दे रहा है चुनौती  मरीजों से कर रहा है छल बंदियों की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने नई जेलों के निर्माण का लिया फैसला भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की बडी कार्रवाई: अभियान में 150 से अधिक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा उत्तर प्रदेश में 65 घंटे से चल रही बिजली कर्मियों की हड़ताल खत्म 45 साल महिला की गला रेतकर हत्या प्राणघातक चोट पहुंचाने के मामले में 3 महिलाओं सहित 9 लोगों की जमानत अर्जी खारिज कुशीनगर: अधिशासी अभियंता सहित तीन के खिलाफ मुकदमा लखनऊ: ऊर्जा मंत्री के साथ संषर्घ समिति के नेताओं की बैठक निकला बेनतीजा, बिजली संकट बरकरार अमेठी: ट्रेनी विमान डायमंड-40 दुर्घटनाग्रस्त: पायलट व एक प्रशिक्षु पायलट की मौत लखनऊ: पुलिस के मनमानी पर हाईकोर्ट का पॉवर ब्रेक, डीजीपी को जारी करना पडा निर्देश

खेमयू ने धरना देकर सौंपा ज्ञापन

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

खेत मजदूर यूनियन द्वारा सोमवार को जनहित के सवालों को लेकर सांऊघाट विकास खण्ड मुख्यालय पर ‘डेरा डालो, घेरा डालो’ आन्दोलन की कडी में प्रान्तीय कमेटी के संयुक्त मंत्री वीरेन्द्र प्रताप मिश्र के नेतृत्व में  धरना प्रदर्शन कर एडीओ एग्रीकल्चर के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्बोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। का. वीरेन्द्र प्रताप मिश्र ने  धरने को सम्बोधित करते हुये कहा कि मंहगाई चरम पर है। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, बिजली बिल आदि की मंहगाई से गरीब परेशान है किन्तु उनकी आवाजों को सुना नहीं जा रहा है। कहा कि मनरेगा को मजबूत बनाने, आवास, कृषि कार्य के लिये भूमिहीनों को जमीन, पेंशन आदि के सवाल को लेकर आन्दोलन जारी रहेगा। कहा कि भाजपा सरकार की मनमानी नीतियों ने गरीबों को और परेशान कर रखा है।
खेत मजदूर यूनियन जिलाध्यक्ष का. राम अचल, संयुक्त मंत्री नरसिंह भारद्वाज, का. मूलचंद, सुन्दरी, नवनीत यादव, रामसजीवन आदि ने मनमाने नीतियों के खिलाफ आन्दोलन तेज करने पर जोर दिया। कहा कि    केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार खेतिहर मजदूरों से उनके जीने का अधिकार छीन रही है। किसान    विरोधी तीन कृषि कानूनों को भी वापस नहीं किया जा रहा है। किसानों, मजदूरों की समस्यायें लगातार बढती जा रही है।
धरना प्रदर्शन में  का. उदयराज, केशवराम, रामचेत,   रामचरन, जग्गू, सुखराम, बुद्धिराम, घनश्याम, रामशंकर, रामसुरेश, किसलावती, गायत्री देवी, जितेन्द्र, संतराम, रामकरन, सुभावती, प्रभावती, कमलावती, सीमा देवी, सुशीलादेवी आदि शामिल रहे।