Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अवैध वसूली का प्रतिदिन लाखों रूपया गटक रहा है आबकारी विभाग व ठेकेदार, जिम्मेदार बने अन्जान डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बस्ती आगमन पर हुए खर्च का नटवरलाल स्टेनो ने विभाग मे शुरू किया अवैध वसूली ... बिना न्यूरो सर्जन के डा0 प्रमोद चौधरी ने किया महिला के सिर का आपरेशन, हो गयी थी मौत वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन

खेमयू ने धरना देकर सौंपा ज्ञापन

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

खेत मजदूर यूनियन द्वारा सोमवार को जनहित के सवालों को लेकर सांऊघाट विकास खण्ड मुख्यालय पर ‘डेरा डालो, घेरा डालो’ आन्दोलन की कडी में प्रान्तीय कमेटी के संयुक्त मंत्री वीरेन्द्र प्रताप मिश्र के नेतृत्व में  धरना प्रदर्शन कर एडीओ एग्रीकल्चर के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्बोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। का. वीरेन्द्र प्रताप मिश्र ने  धरने को सम्बोधित करते हुये कहा कि मंहगाई चरम पर है। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, बिजली बिल आदि की मंहगाई से गरीब परेशान है किन्तु उनकी आवाजों को सुना नहीं जा रहा है। कहा कि मनरेगा को मजबूत बनाने, आवास, कृषि कार्य के लिये भूमिहीनों को जमीन, पेंशन आदि के सवाल को लेकर आन्दोलन जारी रहेगा। कहा कि भाजपा सरकार की मनमानी नीतियों ने गरीबों को और परेशान कर रखा है।
खेत मजदूर यूनियन जिलाध्यक्ष का. राम अचल, संयुक्त मंत्री नरसिंह भारद्वाज, का. मूलचंद, सुन्दरी, नवनीत यादव, रामसजीवन आदि ने मनमाने नीतियों के खिलाफ आन्दोलन तेज करने पर जोर दिया। कहा कि    केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार खेतिहर मजदूरों से उनके जीने का अधिकार छीन रही है। किसान    विरोधी तीन कृषि कानूनों को भी वापस नहीं किया जा रहा है। किसानों, मजदूरों की समस्यायें लगातार बढती जा रही है।
धरना प्रदर्शन में  का. उदयराज, केशवराम, रामचेत,   रामचरन, जग्गू, सुखराम, बुद्धिराम, घनश्याम, रामशंकर, रामसुरेश, किसलावती, गायत्री देवी, जितेन्द्र, संतराम, रामकरन, सुभावती, प्रभावती, कमलावती, सीमा देवी, सुशीलादेवी आदि शामिल रहे।