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11 सूत्रीय मांगो को लेकर कलेक्टेªट पर गरजे कर्मचारी, शिक्षक, दिया आर-पार के संघर्ष की चेतावनी

मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, 30 नवम्बर को लखनऊ में जुटेंगे कर्मचारी, शिक्षक

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

कर्मचारी शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच उ.प्र. प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर गुरूवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े हजारों कर्मचारियों, शिक्षकोें ने जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देने के साथ ही सभा किया। सभा के बाद 11 सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। वक्ताओं ने चेतावनी दिया कि यदि समस्याओं का हल न निकाला गया तो 30 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डन पार्क में प्रदेश के लाखों कर्मचारी, शिक्षक  अधिकारों के लिये जुटेंगे और  आर-पार के संघर्ष की घोषणा प्रदेश नेतृत्व द्वारा  किया जायेगा।
गुरूवार को दिन में 10 बजे से ही कर्मचारी, शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय पर जुटने लगे और दोपहर तक हजारों कर्मचारी, शिक्षक जमे रहे। धरने की अध्यक्षता उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष मस्तराम वर्मा एवं संचालन कलेक्टेªट मिनीस्ट्रीयल कर्मचारी संघ  अध्यक्ष अशोक मिश्र ने किया।
धरने को प्राथमिक शिक्षक संघ जिलामंत्री बालकृष्ण ओझा, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ  उपाध्यक्ष राम अधार पाल, मंत्री तौलू प्रसाद, माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष शिवपाल सिंह, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ अध्यक्ष ई. के.के. मिश्र, कोषागार कर्मचारी संघ अध्यक्ष अखिलेश पाठक, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष अरूणेश पाल, राजकीय शिक्षक संघ अध्यक्ष बागीश पाठक, सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय आर्य, दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष मनोज यादव, विकास भवन कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजीत सिंह, लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष रामसुमेर, रसोईया से शान्ति देवी, शिक्षा मित्र संघ के वीरेन्द्र शुक्ल, रमेश मिश्र, अनुदेशक संघ के अमित सिंह, संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ अध्यक्ष सभाजीत पाल, आदि ने कहा कि सरकार शिक्षक और कर्मचारियों की मांगोें को पूरा कर पुरानी पेंशन नीति लागू करने सहित 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय ले। पिछले साढे चार वर्षो से कर्मचारी, शिक्षक हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि  पेंशन कर्मचारियोें के वृद्धावस्था की लाठी है, सरकार को उसे तोड़ने की जगह पुर्नविचार कर बहाल किया जाना चाहिये। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कैशलेश चिकित्सा सुविधा      उपलब्ध कराने, अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 से बढाकर 600 दिन किये जाने, फील्ड कर्मचारियों को मोटर साईकिल भत्ता दिये जाने, संविदा आउट सोर्सिंग मानदेय कर्मचारियों को नियमित किये जाने की मांगे तत्काल मान ली जानी चाहिये। यदि मांगे न मानी गई तो आगामी 30 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डन पार्क में प्रदेश के लाखों कर्मचारी, शिक्षक अधिकारों के लिये जुटेंगे और आगामी आन्दोलन की घोषणा प्रदेश नेतृत्व द्वारा की जायेगी।
जिलाधिकारी कार्यालय पर हुये विशाल धरने में  मुख्य रूप से प्रमोद शुक्ल, सन्तोष राव, दुर्गेश यादव, सुधीर तिवारी, शिव प्रकाश, रमाशंकर चौधरी, ऋुति त्रिपाठी, राकेश पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश राव, फैजान अहमद, राकेश पाण्डेय, प्रताप नरायन चौधरी, राजेश गिरी, डा. प्रमोद सिंह, रंजन सिंह, रवि सिंह, अमरनाथ गौतम, जितेन्द्र अरोरा, मंशाराम, ऋतुराज पाण्डेय, श्याम करन यादव, जलालुद्दीन कुरेशी, ई. सर्वेश कुमार, उमाकान्त शुक्ल, अखिलेश पाण्डेय, राजकुमार तिवारी, मो. कलीम, राजेश कुमार, देवेन्द्र सिंह, शिवा कुमार, अशोक यादव, सनद पटेल, शिवरतन, आशुतोष पटेल,  आशीष श्रीवास्तव, विनय शुक्ल, शेषराम दिवाकर, राजमंगल दूबे, प्रवीण श्रीवास्ततव, अवधेश कुमार, सुशील चौधरी, मो. कलीम, सीमा सिंह भारद्वाज, रामचरन, जय प्रकाश विश्वकर्मा, अमरेश श्रीवास्तव, राम अशीष चौरसिया, कौशल कुमार, जंग बहादुर, बाबा  अवधेश कुमार, राजेश कुमार, ओम प्रकाश, जलालुद्दीन कुरैशी, हरिराम पाल, परमात्मा प्रसाद, सन्तोष पाण्डेय, अश्विनी सिंह, सुभाष चन्द्र मिश्र, मो. असलम, राजेश कुमार, सन्तोष मिश्र,  रामचन्दर, सरोज सिंह, अनीता भट्ट, सीमा भारद्वाज, सुमन देवी, मीरा चौधरी, योगेश शुक्ल, रघुवंश मणि, जंग बहादुर, अखिलेश शुक्ल, शिल्पी पाण्डेय,  के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।