ब्रेकिंग न्यूज़
वाह रे स्वास्थ्य विभागं........गोरखपुर लखनउ दिल्ली से अल्ट्रासाउंड करने प्रतिदिन बस्ती आते हैं कथित ... गैंगरेप के आरोपियों को नगर पुलिस दे रही है खुला संरक्षण नशेडियों व अपराधियों के आगे नतमस्तक हुई पुरानी बस्ती पुलिस, एक माह के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा मरीजों के जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है मरियम हार्ट एवं मल्टीस्पेशलटी हास्पिटल इंस्पेक्टर शांशक शेखर राय ने संभाला थाना पुरानी बस्ती का कार्यभार रेलवे स्टेशन पर लोगों से मारपीट करने वाले दो अराजक तत्व गिरफ्तार अराजकता व अपराध के आग मे झुलस रहा है बस्ती का रेलवे स्टेशन रेलवे स्टेशन पर अवैध धन उगाही पर किया सवाल तो पत्रकार को मिली जान से मार देने की धमकी घारी मे टीनशेड के नीचे बिना पंजीकरण के चल रहा है कथित मेडिकल कालेज, तमाशबीन बना स्वास्थ्य प्रशासन सीएमओ का नटवरलाल स्टेनो अनिल चौधरी का कारनामाः 15 दिनो तक दबा कर बैठा रहा सीएमओ का जांच आदेश

पूर्व मुतवल्ली हमीदउल्लाह खान से होगी एक करोड़ 36 लाख तीस हजार रूपये की वसूली

 सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के सचिव ने दिया कड़ा निर्देश

कबीर बस्ती न्यूज,बस्ती।उ0प्र0।

मदरसा खैरूल उलूम एवं खैर इण्टर कालेज वक्फ संख्या  38 का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व मुतवल्ली हमीदउल्लाह खान ने जहां जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद अभी तक पूरा चार्ज नहीं दिया है वहीं उ.प्र. सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के सहायक सचिव ताजदार आलम ने  पूर्व मुतवल्ली हमीदउल्लाह खान  पर 1, 36, 30000 (एक करोड़ 36 लाख तीस हजार रूपये) के गबन का आरोप लगाते हुये भू-राजस्व बकाये के रूप में वसूली की चेतावनी दिया है। निर्णय की प्रति बस्ती के जिलाधिकारी और मुतव्वली मो. अकरम को भी भेजा गया है।

सहायक सचिव ताजदार आलम ने कहा है कि पूर्व मुतवल्ली हमीदउल्लाह खान ने 1, 36, 30000 (एक करोड़ 36 लाख तीस हजार रूपये)  नियमानुसार वक्फ के खातोें में जमा नहीं किया। वसूल की गई सम्पूर्ण राशि अपने पास रखे हुये हैं, अनेक निर्देश के बावजूद वर्तमान मुतवल्ली मु. अकरम को चार्ज, अभिलेख हस्तगत नहीं कर रहे हैं। यह कृत्य गबन प्रदर्शित करता है।  सचिव ने कारण स्पष्ट करने का निर्देश देते हुये कहा है कि यदि धनराशि जमा कराकर मुतव्वली मु. अकरम को चार्ज न दिया गया तो  क्यों न भू राजस्व बकाये के रूप म वसूला जाय। सचिव ने यह भी कहा है अपने कार्यकाल के दौरान  पूर्व मुतवल्ली हमीदउल्लाह खान वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 46 एवं 47 के प्राविधानों का अनुपालन करने में पूर्णतया विफल रहे हैं।