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विविध कार्यक्रमों के साथ हुई संगीतमयी साईंकथा, देर रात तक साईंभजनों पर झूमते रहे श्रद्धालु

कबीर बस्ती न्यूज

बस्ती: सांई बाबा ने पूरी दुनियां को सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया, उनका कहना था कि सबका मालिक एक है। जाति धर्म के आधार पर भेद फैलाकर समाज को बांटिये नही बल्कि सभी धर्मों जातियों के लोग एकजुट रहें और एक दूसरे की संवेदनाओं को समझें। यह उद्गार बाराबंकी से पधारे सांईसेवक एवं प्रख्यात संगीतमयी साई कथावाचक उमाशंकर जी महराज ने व्यक्त किया।

वे गुरूवार देर शाम गांधीनगर क्षेत्र स्थित गौरीदत्त धर्मशाला में सांईकृपा संस्थान के संयोजन में आयोजित साईकथा में भक्तों को कथा का रसपान करा रहे थे। उन्होने कहा आज का वातावरण ऐसा है कि समाज को निजी स्वार्थों की खातिर टुकड़ों में बांटा जा रहा है। कहीं जाति और धर्म के नाम पर तो कहीं ऊंच नीच और अमीर गरीब के नाम पर। साईंबाबा ने अपने जन्म (1852) से लेकर जीवन की आखिरी सांस तक दुनिया को अमन चैन का रास्ता दिखाया और जब 1918 विजयादशमी के दिन प्राण त्यागा तो अपने अनन्य भक्त को जीवन दे दिया। लोक कल्याण को समर्पित बाबा का जीवन कभी निजी नही रहा। वे जिये भी समाज के लिये और प्राण त्याग भी समाज के लिये किया।

कथा से पहले प्रातः साईंअभिषेक कराया गया, इसके बाद 7 महिलाओं द्वारा साईंसचरित्र पाठ, साईंस्तवन मंतरी पाठ, सर्वमनोकामना सिद्धि महायज्ञ और फिर भव्य पालकी निकली गयी। देर शाम कथा का शुभारंभ हुआ जो रात 10.30 तक चलता रहा। इसके बाद भक्तों ने विशाल भण्डारे में प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने में साईसेवक एवं साईंकृपा संस्थान के संरक्षक महेन्द्रनाथ यादव, देवेन्द्र श्रीवास्तव, अंकुर वर्मा, राजेश चित्रगुप्त, विनोद कुमार श्रीवास्तव, अविनाश श्रीवास्तव,

सर्वेश श्रीवास्तव, अश्वनी अग्रवाल, रमेश कुमार श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, केशरीनंदन पाण्उेय, डा. प्रकाश श्रीवास्तव, अनमोल श्रीवास्तव ‘स्वप्निल’, राजेश श्रीवास्तव, एचपी श्रीवास्तव, जितेन्द्र श्रीवास्तव, गौरीश सिंह, सूर्यनरायन गुप्ता, अर्चना श्रीवास्तव, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव, पूर्णिमा श्रीवास्तव, किरन अग्रवाल, विन्दू मिश्रा, ललिता, रेनू पाण्डेय, शालू, सविता, तुमकी, शिखा, आस्था श्रीवास्तव, संगीता चौधरी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अयोध्या स्थित साईं मंदिर से पधारे आलोक श्रीवास्तव, अमर सिंह, कल्पेन्द्र सिंह ने बढ़चढकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन पर साईकृपा संस्थान के संयोजक संतकुमार नंदन ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों के प्रति आभार जताया।